पटियाली। बाईपास रोड स्थित हिंदू-मुस्लिम एकता की प्रतीक दरगाह हजरत हाजी हरवैन शाह बाबा पर चल रहे सालाना उर्स के तीसरे दिन रविवार की रात जायरीनों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ईशा की नमाज के बाद आयोजित मुकाबला-ए-कव्वाली में सुबह तक सूफियाना कलामों का दौर चला, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कव्वाली कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि बसपा नेता जुनैद मियां ने फीता काटकर किया। दरगाह आगमन पर उर्स कमेटी के अध्यक्ष मुईस कुरैशी ने मुख्य अतिथि जुनैद मियां को चांदी का मुकुट पहनाया, शॉल ओढ़ाई और फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत कर सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि ईश्वर ने सभी धर्मों में कोई न कोई महापुरुष भेजा है, जिनका मुख्य उद्देश्य इंसानों को सही और सच्ची दिशा दिखाना था। हम सभी को अपने-अपने धर्मों के महापुरुषों, पीर और पैगंबरों के बताए मार्ग पर चलना चाहिए।
कव्वालों के बीच हुआ कड़ा मुकाबला
उर्स की रात सूफियाना कलामों के नाम रही। रामपुर से आए मशहूर कव्वाल रफ़ीक आफ़ताब और दिल्ली से आईं नामचीन कव्वाला जारा डिस्को के बीच कव्वाली का शानदार मुकाबला हुआ। दोनों ही कव्वालों ने बाबा की शान में एक से बढ़कर एक बेहतरीन कलाम पेश किए। जवाबी कव्वालियों का यह दौर ऐसा परवान चढ़ा कि कड़ाके की ठंड/रात के सन्नाटे में भी जायरीन झूमने को मजबूर हो गए। कव्वालियों का यह दौर सुबह होने तक अनवरत चलता रहा और श्रद्धालुओं ने इसका जमकर लुत्फ उठाया।