कासगंज। जिला जेल के निर्माण को निर्माणदायी कंपनी साईंनाथ ने फिर से ढीला कर दिया है। कंपनी द्वारा कछुआ गति से किए जा रहे निर्माण कार्य से निर्माण निगम चिंतित है। शासन के तेवर तल्ख है। 31 मार्च 2014 तक जेल निर्माण का कार्य कैसे पूरा हो, यह सवालों के घेरे में है।
पचलाना में जेल के निर्माण का जिम्मा राजकीय निर्माण निगम ने साईंनाथ कंपनी को सौंपा था। निर्माण से जुड़ा धन भी कंपनी को हस्तांतरित कर दिया गया। पूरा धन लेने के बाद भी कंपनी ने निर्माण कार्य की हवा निकाल दी। काफी समय से कार्य कंपनी ने रोक दिया। पिछले दो माह में प्रशासन ने शासन स्तर पर निर्माण कंपनी की हठधर्मिता पर जब कार्रवाई का दबाव बनाया तो प्रशासनिक कार्रवाई से घिरता देख कंपनी ने 22 अक्तूबर से पुन: जेल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया। मगर यह काम कंपनी द्वारा कछुआ गति से किया गया। यह देख निर्माण निगम भी चिंतित हो गया। निगम एवं प्रशासन की हिदायत के बावजूद कंपनी ने निर्माण की गति तेज नहीं की। प्रशासन के तेवर फिर से तल्ख हुए हैं। प्रशासन ने कंपनी द्वारा किए गए कार्यों की नापजोख शुरू कर दी है।
निर्माणदायी कंपनी द्वारा कार्य बेहद धीमी गति से किया गया है। राजकीय निर्माण निगम ने तेजी से कार्य शुरू कर दिया है। 31 मार्च 2014 तक जेल का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी की शिथिलता के बारे में उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन को रिपेार्ट भेजी गई है।
-हरिओम शर्मा, परियोजना प्रबंधक