सोरों। उपेंद्र पहलवान स्मृति दंगल प्रतियोगिता में आज दूरदराज से आए पहलवानों ने अपने दाव दिखाकर दर्शकों को रोमांचित किया। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि सुधीर यादव ने फीता काटकर दंगल का उद्घाटन किया।
मुख्य अतिथि सुधीर यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी भारत की इस प्राचीन कला की ढेरों प्रतिभाऍ छिपीं हैं। जरूरत हैं तो बस उन प्रतिभाओं को तराशकर आगे लाने की। दंगल कमेटी के अध्यक्ष मांगी लाल शास्त्री ने कहा कि प्रोत्साहन नहीं मिलने के कारण यह कला विलुप्त होती जा रही है। उन्होंने कहा कि तीर्थनगरी के बद्रेश्वर अखाड़े व अंबा गढ़ अखाड़े ने प्राचीन काल में इस कला को दूर दूर तक फैलाया। सुधीर यादव ने हाथरस के बजरंगी पहलवान व कछला के इस्लाम पहलवान के बीच हाथ मिलवाकर कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ कराया। जिसमें कछला के पहलवान इस्लाम ने कुश्ती को जीत लिया। कुम्हरौआ के गौतम व कछला के रियासत, बरला के सोनू व कादरवाड़ी के कासिम, मिरहची के पुष्पेंद्र व छर्रा के संदीप, सादाबाद के विष्णु व त्रिलोकपुर के गुड्डू आदि दूर दूर से आए पहलवानों के बीच देर शाम तक रोमांचकारी कुश्तियां हुईं। मथुरा, हाथरस, दिल्ली, आगरा, फीरोजाबाद, एटा, अलीगढ, इटावा के अलावा जनपद के पहलवानों ने बद्रेश्वर अखाडे़ पर अपनी प्रतिभा के रोमांच से दर्शकों की जमकर वाहवाही लूटी। प्रतियोगिता के संयोजक हरीकांत तिवारी व रमाकांत तिवारी ने विजयी पहलवानों को पुरूस्कार प्रदान किए। महेंद्र गौतम पुलिस कांस्टेबल व मुन्नालाल पहलवान ने रेफरी की भूमिका निभाई। देशबंधु गुप्ता प्रतियोगिता के निर्णायक अम्पायर थे। उपस्थित गणमान्य लोगों में मुहम्मद वाहिद, अरविंद दुबे, हरीश बाबू, राजकुमार साहू, रजनेश गुप्ता, जमील खॉ, राकेश अग्रवाल, अरूण चौहान, धनंजय माहेश्वरी, दिलीप गुप्ता बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद थे।