कासगंज। दीपावली की रात आतिशबाजी की सतरंगी रोशनी में आसमान नहा गया। हर किसी ने अपने ढंग से आतिशबाजी छोड़ कर खुशी का इजहार किया। बच्चों में पटाखे चलाने का जबरदस्त क्रेज नजर आया, वहीं बड़े लोग भी कहां पीछे रहने वाले थे। उन्होंने भी स्काई शॉट चलाकर आसमान को सतरंगी रोशनी से रोशन कर डाला।
दीपावली पर शाम को लक्ष्मी पूजन के साथ ही आतिशबाजी चलाने का दौर शुरू हो गया। पटाखा बाजार में आतिशबाजी खरीदने के लिए देर रात्रि तक भीड़ उमड़ी रही। पूजा अर्चना करने के बाद लोगों ने आतिशबाजी चलाना शुरू कर दिया। रंग, ेबिरंगे अनार जहां घर के आंगन व छतों पर चलाए जा रहे थे, वहीं तेज धमाके सड़के व गलियों में सुनाई दे रहे थे। बच्चों के द्वारा कहीं सीटी वाले पटाखे विसलिंग व्हील चलाया जा रहा था, तो कहीं आसामन की ओर सीटी बजाता रॉकेट दागा जा रहा था। सतरंगी रोशनी विखेरने वाले रॉकेट भी लोगों के द्वारा दागे गए, जिससे आसमान सतरंगी रोशनी से नहा गया। सतरंगी में कहीं ब्लू वेली आतिशबाजी का नजारा था तो कहीं ग्रीन वेली की। रेड मिर्ची पटाखा की लाल रोशनी भी आकर्षण का केंद्र रही। पूरी रात पटाखों की गूंज सुनाई देती रही।पूजन के लिए की पंडित जी की प्रतिक्षा। घर और प्रतिष्ठानों पर लक्ष्मी पूजन विधि विधान से कराने के लिए पंडितों की व्यवस्ता बेहद अधिक थी। उन्हें एक के बाद एक लगातार पूजन करने थे। पूजन कार्यक्रमों में देरी के कारण लोगों में अपने यहां पूजन कराने के लिए पंडित जी की प्रतीक्षा करनी पड़ी। देर रात्रि तक लक्ष्मी पूजन का सिलसिला चला। फूलों की कीमतें रहीं अधिक। माता लक्ष्मी का आसन कमल पुष्प पर महंगाई की मार नजर आई। कमल पुष्प 40 रुपये तक में बिका, वहीं गेंदा का फूल 40 से 60 रुपये प्रति किलो तक बिका । बाजार में फूल मालाओं एवं फूलों की कीमतें बढ़ी हुई थीं।