कानपुर में सम्मान की लड़ाई लड़ रही एक युवती को 19 साल बाद न्याय मिल ही गया। उसके साथ छींटाकशी करने और विरोध पर गालीगलौज, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के दोषियों को सत्र न्यायालय ने एक-एक साल कैद की सजा सुनाई है।
साथ ही 11-11 हजार रुपये का जुर्माना किया है। आईआईटी हॉस्टल में रहने वाली एक युवती के पिता ने कोहना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि तीन जून 1999 की दोपहर युवती विष्णुपुरी कॉलोनी स्थित गोविंद स्वीट हाउस से सामान लेने गई थी।
इस बीच, नगर महापालिका कॉलोनी कोहना निवासी सुरेश गुप्ता, राजन यादव और ज्ञान भदौरिया ने छींटाकशी की। विरोध पर गालीगलौज करते हुए मुंह पर मुक्का मार दिया। शिकायत पर जान से मारने की धमकी भी दी।
मुकदमे के दौरान ज्ञान भदौरिया की मौत हो गई। वर्ष 2007 में कोर्ट में सुरेश और राजन के खिलाफ आरोप तय हो सके। इसके बाद न्यायिक कार्रवाई में सात साल लग गए और 12 नवंबर 2014 को महानगर मजिस्ट्रेट प्रथम की कोर्ट का फैसला आया।