कानपुर। कल्याणपुर में गलत इलाज की वजह से युवक की मौत के मामले में डॉक्टर व अस्पताल के दो संचालकाें के खिलाफ मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज की गई। सोमवार को परिजनों ने गलत इलाज का आरोप लगाकर हंगामा किया था।
सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील किया था। कानपुर देहात के पलिया बांसखेड़ा गांव निवासी रामदास ने बताया कि बेटे अमन कुमार (23) को पेट में दर्द की शिकायत पर सात जून को बिल्हौर स्थित एसके अस्पताल ले गए। वहां से कल्याणपुर स्थित चन्द्रा अस्पताल रेफर कर दिया। आठ जून को भर्ती कराने के लिए पहले दस हजार रुपये जमा कराए।
उसके बाद हॉस्पिटल में 25 हजार की दवाएं मंगा ली गई। बेटा रविवार को आराम से बात कर रहा था। परिवार के लोगों से फोन पर बातचीत की। मगर रविवार की शाम डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया। रामदास के अनुसार सोमवार की सुबह जब वो लोग अस्पताल पहुंचे तो कर्मचारी अमन को स्ट्रेचर पर रखकर भेज रहे थे।
परिवार वालों ने रोककर विरोध किया तो बताया गया कि अमन की मौत हो गई है। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया तब पुलिस पहुंची। स्वास्थ्य विभाग टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। मंगलवार को पीड़ित ने अस्पताल संचालक डॉ. मोहित व अस्पताल संचालक मुकेश और शिवम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
कल्याणपुर इंस्पेक्टर सुधीर कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर डॉक्टर से पूछताछ की जा रही है। अमन का दो डॉक्टर के पैनल ने पोस्टमॉर्टम किया। रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने से विसरा सुरक्षित किया गया है।
पहले भी विवादों में रहा है अस्पताल
नया शिवली रोड स्थित चंद्रा अस्पताल आए दिन विवादों में रहा है। पहले भी इसका आईसीयू सील किया जा चुका है। 20 अप्रैल को भाजपा कार्यकर्ता से अस्पताल में झगड़ा हुआ था। तब अस्पताल संचालक ने अपनी पत्नी से बदतमीजी करने का आरोप लगाया था। 23 मई को यहीं के एक कर्मचारी ने पड़ोस के एक अस्पताल में लड़ाई झगड़ा किया था।