फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज में बड़े भाई को पुलिस में नौकरी दिलाने के लिए कर्ज लेकर दोस्त के पिता को लाखों रुपये दे दिए। जब रुपये वापस नहीं मिले तो कर्ज से परेशान युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। युवक ने आत्महत्या करने से पहले पांच पेज का सुसाइड नोट भी लिखा है। कोतवाली क्षेत्र के गांव मुबारकनगर निवासी स्व. अनिल कुमार का पुत्र अरुण उर्फ अन्नू (20) गांव में सड़क किनारे जनसेवा केंद्र चलाता था।
चार माह पूर्व अरुण ने एक दोस्त के पिता को बड़े भाई की पुलिस में नौकरी दिलाने के लिए 3.80 लाख रुपये दिए थे। इसमें 50 हजार रुपये परिवार वालों की जानकारी में दिए थे। बाकी के रुपये अरुण ने परिजनों को बिना बताए कर्ज व ब्याज पर लेकर दिए थे। नौकरी न मिलने पर अरुण ने उनसे रुपये मांगे। इस पर वह टाल-मटोल करते रहे। बुधवार को अरुण ने रुपये मांगने के लिए कई कॉल की। उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे वह और ज्यादा परेशान हो गया।
अरुण ने घर में रखी एक कॉपी में पांच पेज का सुसाइड नोट लिखा। इसमें अरुण ने मां के लिए लिखा मुझे माफ कर देना मैं मरना तो नहीं चाहता हूं, लेकिन मैं कर्ज से काफी परेशान हूं। मैंने दोस्त से रुपये उधार लिए जिसकी 500 रुपये रोजाना किस्त भी दे रहा हूं। इसके अलावा जिससे भी उसका लेन-देन है, वह सारा ब्यौरा लिख दिया। इसके बाद अरुण ने कमरे में साड़ी से फंदा लगाकर पंखे के कुंडे से लटक गया। सुबह परिजनों ने दरवाजा बंद देखा। उसका लॉक तोड़कर बाहर निकाला। परिजन फंदे से उतारकर सीएचसी ले गए।
जहां डॉक्टर अमरेश कुमार ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन शव लेकर घर चले गए। डॉक्टर अमरेश ने बताया युवक के गले में फंदे का निशान था। कोतवाली में मेमो भेजकर सूचना दी गई है। अरुण के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। उसके दो भाई अजय उर्फ अज्जू ,सानू व एक बहन श्वेता है। किसी की शादी नहीं हुई है। अरुण के चाचा सुनील सीआरपीएफ में हैं। उन्हें भी सूचना दी गई है। बेटे की मौत से मां मिथलेश कुमारी व अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। इंस्पेक्टर राम अवतार ने बताया कि थाने में कोई सूचना नहीं है। सूचना मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।