कोतवाली चरखारी के सबुआ गांव में शादी के लिए परिजन के राजी न होने पर आहत प्रेमी युगल ने फंदा लगाकर जान दे दी। बृहस्पतिवार की सुबह दोनों के शव गांव के बाहर आम के पेड़ पर दुपट्टे के फंदे से लटकते मिले। पुलिस को घटनास्थल से युवक का मोबाइल, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक की बोतल मिली है।
सबुआ निवासी उपेंद्र विश्वकर्मा (24) आरा मशीन में काम करता था। उसका कस्बा चरखारी निवासी आरती कुशवाहा (20) से करीब दो वर्ष से प्रेम-प्रसंग था। दोनों गैर बिरादरी के होने के चलते शादी नहीं कर पा रहे थे। परिजन के तैयार न होने पर बुधवार की रात करीब आठ बजे दोनों घर से निकले थे। बृहस्पतिवार की सुबह ग्रामीण जब खेत से गुजरे तो दोनों के शव देख पुलिस को सूचना दी। युवती की मांग भरी होने पर अंदाजा लगाया जा रहा है कि आत्महत्या से पहले युवक ने प्रेमिका की मांग भरी।
दोनों ने आत्महत्या से पहले एक-दूसरे को हमसफर चुना और बाद में मौत को गले लगा लिया। सूचना पर सीओ दीपक दुबे, कोतवाली प्रभारी बीरेंद्र प्रताप सिंह व फाॅरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच जांच की। आरती के चाचा अनिल ने बताया कि युवती ने कभी अपने रिश्ते का जिक्र घर पर नहीं किया था।
मां राजाबाई ने बताया कि बेटी शाम को घर से निकल गई थी। उन्होंने रात में इसकी सूचना पुलिस को दी थी। उन्होंने किसी युवक से रिश्ते की जानकारी होने से इन्कार किया। युवती के पिता मातादीन का चार साल पहले कैंसर से निधन हो गया था।
वहीं चर्चा है कि कुछ दिन पहले दोनों के परिजन को प्रेम-प्रसंग की जानकारी हुई थी लेकिन गैर बिरादरी के होने के चलते परिजन रिश्ते के लिए राजी नहीं हुए थे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम-प्रसंग का प्रतीत हो रहा है। फाॅरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।