इन दिनों पूरे उत्तर प्रदेश में मंत्रियों की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है। लेकिन सीएम योगी के मंत्री अब भी एक बड़ी हकीकत से अछूते हैं। जब आप इस हकीकत को जानेंगे तो जरूर हैरान रह जाएंगे...
यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सरकारी दफ्तर में औचक निरिक्षण के दौरान
जहां मंगलवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पीडब्ल्यूडी के मुख्यालय में छापा मारा तो वहीं भूमि विकास और जल संसाधन राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी बुधवार को कानपुर में रामगंगा कमांड हेडक्वार्टर का इंस्पेक्शन करने पहुंच गए। यहां इन्हें अफसर तो मौजूद मिले लेकिन कमियां और गंदगी देख ये उन पर बरस पड़े।
यह अच्छी बात है कि सिस्टम में सुधार लाने के लिए योगी सरकार ने खुद जिम्मेदारी संभाली है। लेकिन इन्हें उन सरकारी कार्यालयों तक भी अपनी पहुंच बनानी होगी जहां बाबू चुपचाह हाजरी मारकर पूरा दिन मौके से गोल रहते हैं। ऐसे भ्रष्ट अफसरों के दफ्तर में कुत्ते नजर आते हैं। हंसने वाली बात नहीं है। यह बेहद शर्मनाक तस्वीर है। अभी तक इस हकीकत से सीएम योगी के मंत्री अछूते हैं।
आज स्थिति ऐसी बन गई है कि कई सरकारी दफ्तरों में कुत्ते अफसरों के ऑफिस के बाहर पहरेदारी करते दिखाई देते है लेकिन जब भीतर देखें तो पता चलता है साहब खुद नदारद रहते हैं। ऐसों की खैरखबर लेना भी अति आवश्यक है।
मंगलवार को जब उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अचानक लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय पर पहुंचे थे तो उनके अचानक आने से मुख्यालय में हड़कंप मच गया। कई लोग जहां जल्दी-जल्दी अपनी सीट पर बैठे तो कई कर्मचारी कार्यालय से नदारद नजर आये।
जल संसाधन राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी औचक निरिक्षण के दौरान अफसरों पर फटकार लगाते हुए
उप मुख्यमंत्री ने मौके पर उपस्थिति रजिस्टर चेक किया। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों से कई फाइलों को लेकर जानकारी मांगी, लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे पाए। अधिकारियों के इस रवैए पर मौर्य बरस पड़े।
उप मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि यहां अवकाश का चार्ट तो दिख रहा है लेकिन काम का नहीं, उन्होंने सभी लम्बित फाइलों के निस्तारण के लिए दो महीने का वक्त दिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने दिनों में सभी फाइलें हर हाल में निस्तारित हो जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर फिर लापरवाही सामने आयी और दिए गए समय पर काम नहीं हुआ तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जायेगी। मौर्य ने खासतौर से अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह वह आज यहां आये हैं, आगे भी आते रहेंगे। इसलिए लापरवाह अधिकारी खुद को सुधार लें।
वहीं जल संसाधन राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी बुधवार को पांडुनगर स्थित रामगंगा कमांड हेडक्वार्टर का इंस्पेक्शन करने पहुंचे। ऑफिस में कई जगह गंदगी देख राज्यमंत्री काफी नाराज हुए। उन्होंने ड्यूटी से गायब अफसरों का एक दिन का पैसा काटने और उन्हें नोटिस भेजने की बात कही। खास बात ये रही है कि ऑफिस के कॉन्फ्रेंस हॉल का ताला बंद था। चाभी न होने से ताले को तोड़कर जब अंदर एंट्री की गई तो वहां पहले से ही एयर कंडीशनर चल रहा था।
ज्वांइट डायरेक्टर रिटायर हो गए, फिर भी लगी है उनके नामकी नेमप्लेट
ज्वाइंट डायरेक्टर (एग्रीकल्चर) वीके उपाध्याय के कमरे की चेकिंग की गई तो यहां बेड रखा मिला। थोड़ी देर बाद ये भी मालूम पड़ा कि वो रिटायर हो चुके हैं।
क्या है रामगंगा कमांड हेडक्वार्टर?
रामगंगा कमांड हेडक्वार्टर जल संसाधन राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी के ही अधीन है। किसानों के लिए नहरों से जो नालियां खेतों के लिए बनाई जाती हैं, उसमें होने वाली सिंचाई का काम ये विभाग देखता है। कानपुर में 56 लोगों का स्टाफ है। इसमें 10 से 12 लोग ही उपस्थित थे।