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कंपिल की सूत कताई मिल कुर्क, 1983 में तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने किया था उद्घाटन

Tue, 12 Jun 2018 07:07 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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कंपिल में बंद पड़ी कताई मिल - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के फर्रुखाबाद जिले में कंपिल स्थित सहकारी सूत कताई मिल शुक्रवार को एसडीएम के आदेश पर कुर्क कर दी गई। श्रम विभाग ने दो करोड़ रुपये का चालान किया था। बताया जा रहा है कि अब जल्दी ही कर्मचारियों का भुगतान भी किया जाएगा। मिल लगभग 18 साल से बंद पड़ी है। इसमें रखी करोड़ों रुपये की मशीनें जंग खा रही हैं।

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कंपिल सूत कताई मिल का उद्घाटन सन 1983 में तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने किया था। इसे बनवाने में तत्कालीन सांसद और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के पिता खुर्शीद आलम की महत्वपूर्ण भूमिका थी। कताई मिल शुरू से ही अधिकारियों की अनियमितताओं का शिकार रही है। इसमें कार्यरत 1500 से ज्यादा कर्मचारियों का वेतन अटका पड़ा है।

 

साल 2000 तक मिल पर 80 करोड़ से ज्यादा का कर्ज हो चुका था। इसी कारण अचानक इसे बिना किसी सूचना के बंद कर दिया गया था। तत्कालीन जीएम केके प्रसाद ने कर्मचारियों का भुगतान तक नहीं किया था। पूर्व कर्मचारी विश्राम सिंह यादव ने बताया कि जब से मिल शुरू हुई थी, तब से ही हम लोगों का पीएफ काटा जाता था। उसे संबंधित खाते में नहीं जमा किया जाता था।

 


 

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कताई मिल में जंग खा रहीं मशीनें - फोटो : अमर उजाला
अब तो सभी कर्मचारियों को वीआरएस का पैसा ही मिल जाए वही बहुत है। पीएफ की उम्मीद तो हम लोग छोड़ ही चुके हैं। कताई मिल की जमीन पर इलाकाई लोग अवैध कब्जा कर खेती कर रहे हैं। इसका कोई हिसाब नहीं है। यहां पर लाखों रुपये के पेड़ भी मौजूद हैं। इसमें फलदार वृक्ष भी शामिल हैं।  इसके अलावा स्थानीय लोगों ने हजारों रुपये का कबाड़ भी बेच दिया है। अब यहां पर बड़ी-बड़ी मशीनें ही बची हैं। करोड़ों की लागत से बनी मिल की दीवारें भी जर्जर हो गई हैं। 


130 एकड़ जमीन में बनी है मिल
कंपिल कताई मिल लगभग 130 एकड़ जमीन में बनी है। इसमें 45 एकड़ जमीन सरप्लस व 85 एकड़ जमीन पर कारखाना है। इस मिल को जिले का सबसे बड़ा कारखाना बोला जाता है। 

कई बार मिल शुरू करवाने की हो चुकी बात
कताई मिल चालू करवाने की बात कई बार हुई, लेकिन बनी नहीं। चुनाव आते ही सभी दलों के नेता मिल शुरू करवाने की बात करते हैं। बाद में कोई ध्यान नहीं देता। पिछले चुनाव में सलमान खुर्शीद ने निजी क्षेत्र से मिल चालू करवाने की बात कही थी। लेकिन बाद में सुध तक नहीं ली। साल 2017 में तत्कालीन डीएम ने निरीक्षण कर मशीनों की हालत जांची थी। उन्होंने कहा था कि शासन के निर्देशानुसार इसे चालू करने पर विचार किया जा रहा है। लेकिन इसके बाद यह मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया।
 
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