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Kanpur News: घटने लगा यमुना का जलस्तर, खतरे के निशान से 4.36 मीटर दूर पानी

Thu, 10 Sep 2026 01:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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मूसानगर। करीब तीन दिन से बढ़ रहा यमुना का जलस्तर बुधवार को घटने लगा है। इससे नदी किनारे बसे गांवों में लोगों ने राहत की सांस ली है। अब यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 4.36 मीटर दूर है। हालांकि आढ़न-पथार रपटा पुलिया जलमग्न है। इसके आसपास के खेतों में जलभराव से तिल व ज्वार की फसल बर्बाद हो गई है। पानी उतरने पर फसल नुकसान का सर्वे शुरू होगा।
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मूसानगर में यमुना नदी का खतरे का निशान 107 मीटर है। नदी का जलस्तर गिरने से बुधवार सुबह आठ बजे मूसानगर गेज में जलस्तर 102.46 मीटर दर्ज किया गया है। यह खतरे के निशान से 4.36 मीटर दूर है। चंबल के कैचमेंट एरिया व धौलपुर (राजस्थान) गेज में भी जलस्तर घट रहा है। यमुना का जलस्तर कम होने पर लोगों को राहत हुई है।
रामजस, सोहन, राधेलाल, अनोखेलाल आदि ने बताया कि हर साल आढ़न-पथार पुलिया किनारे के खेतों की फसलें जलमग्न होकर नष्ट हो जाती हैं। फसल बर्बाद होने के साथ-साथ चारे का संकट भी उत्पन्न होता है। अब जलस्तर लगातार घट रहा है लेकिन कई दिन से डूबी फसलें बर्बाद हो गई हैं। एसडीएम भोगनीपुर देवेंद्र सिंह ने बताया कि जलस्तर लगातार घट रहा है। एक दो दिन में जलस्तर अपनी सामान्य स्थिति में आ जाएगा। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी अनिल गुप्ता ने बताया कि मूसानगर गेज में यमुना जलस्तर 102.47 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर घट रहा है।
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आबादी क्षेत्र के रास्तों पर भरा पानी हुआ कम
फोटो-42 तोरना- भीतरगांव संपर्क मार्ग में जलभराव से जाते लोग। संवाद
रसूलाबाद। अब धीरे-धीरे पांडु नदी के जलस्तर में गिरावट हो रही है। इससे आबादी क्षेत्र के रास्तों पर भरा पानी भी कम हुआ है। हालांकि कई जगह अभी जलभराव बना है लेकिन लोगों को राहत की उम्मीद है। खेड़ा कुर्सी की ग्राम प्रधान पावनी मिश्रा ने बताया कि पांडु नदी के जलस्तर में लगभग 10 इंच की गिरावट आई है। राम धाम मंदिर परिसर में भी पानीभराव कम हुआ है। यहां श्रद्धालु पूजा करने जाने लगे हैं। तोरना निवासी मूलचंद शुक्ला, अनु दुबे, सुरेंद्र अग्निहोत्री, रज्जन दीक्षित ने बताया कि गणेश मंदिर परिसर नीचे है। इसके चलते जलभराव अभी बरकरार है। भीतरगांव, भग्गा निवादा और तोरना के मार्गों में अभी जलभराव है। बच्चे विद्यालय नहीं जा पा रहे। तहसीलदार पंकज उपाध्याय ने बताया कि पांडु नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। लगभग 10 इंच जल घट गया है। लेखपालों को फसलों की क्षति के आकलन के लिए निर्देश दिए गए हैं। (संवाद)
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