राजपुर। लगातार बारिश के बाद यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया है। अनहोनी की आशंका को लेकर गौरी रतन बांगर में बने पीपे के पुल को हटा दिया गया। इससे जुड़े 24 गांवों के लोगों को अब जालौन जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी होगी। वहीं लोग लंबी दूरी तय करने से बचने के लिए जान जोखिम में डाल नाव के सहारे नदी के उस पार जा रहे हैं।
सिकंदरा तहसील के बेहमई गांव के पास गौरीरतन बांगर से निकली यमुना नदी पर पीपे का पुल बना हुआ है। यह पुल बुंदेलखंड के जालौन को जोड़ता है। पीपा पुल से क्षेत्र के बेहमई, अनवा, पिटाकपुर, जैसलपुर, महदेवा, भाल, बकसौधीं, खोजा रामपुर, दमनपुर समेत 24 गांवों के लोगों का आवागमन होता है। जनवरी में पीपा पुल की मरम्मत की गई थी।
इधर सीमावर्ती जनपदों में कई दिनों से हो रही बारिश से यमुना नदी में तीन मीटर जलस्तर बढ़ गया है। किसी अनहोनी व पीपा पुल क्षतिग्रस्त होने की आशंका के चलते सोमवार को लोक निर्माण विभाग की ओर से जालौन सीमा के सरैनी गांव के पास पीपा पुल की चहली व गाटर हटाकर दिया गया।
पुल के हटने से अब जालौन जाने वाले लोगों को 40 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर औरैया व भोगनीपुर के रास्ते पुल से होकर जाना पड़ रहा है। वहीं लोग लंबी दूरी तय करने से बचने के लिए जान जोखिम में डाल नाव के सहारे नदी के उस पार जा रहे हैं।
नदी का जलस्तर बढ़ने से पीपा पुल हटाया गया है, जिससे किसी प्रकार की जनहानि न हा सके। पुल की निगरानी के लिए विभाग की ओर से दो नावों को लगाया गया है। - राधेश्याम यादव, जेई लोक निर्माण विभाग