आईआईटी के 56वें स्थापना दिवस समारोह में शहर के उद्यमी और आईआईटी के पूर्व छात्र यदुपति सिंहानिया को सोमवार को सम्मानित किया गया।
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके सारस्वत और निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना ने सम्मानित पूर्व छात्र का अवार्ड दिया। साथ ही कहा कि यदुपति ने 1977 में बीटेक केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की लेकिन नौकरी करने नहीं गए। बिजनेस को आगे बढ़ाया और जेके ग्रुप को देश की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों की सूची में शामिल करा दिया। आईआईटी के निदेशक ने कहा कि आईआईटी की पहचान इसी तरह के पूर्व छात्रों से है।
आईआईटी के आउटरिच हाल में सोमवार को पूर्व छात्र, शिक्षक और सत्येंद्र दुबे मेमोरियल अवार्ड सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस का उद्घाटन नीति आयोग के सदस्य ने किया। साथ ही सिराज नवल मीनवाला (1995 में फिजिक्स से इंटीग्रेटेड एमएससी), झारखंड में आईएएस सुधीर प्रसाद को सम्मानित पूर्व छात्र का अवार्ड दिया गया।
टी वेंकटेशन, वीना साजवाला और धीरज पांडेय सम्मानित पूर्व छात्र का अवार्ड लेने नहीं पहुंच सके। इन सबको अगली तिथि पर सम्मानित किया जाएगा। आईएएस कुलदीप नारायन को सतेंद्र दुबे मेमोरियल अवार्ड दिया गया है। पूर्व बीओजी चेयरमैन प्रो. एम आनंद कृष्णन, दीपंकर चक्रबर्ती, अमिताभ घोष, वीके स्टोक्स और एमए पाई को इंस्टीट्यूट फेलो अवार्ड देकर सम्मानित किया गया।
निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा कि पूर्व छात्र, शिक्षकों से ही आईआईटी की अलग पहचान है। नारायण मूर्ति सहित तमाम पूर्व छात्रों ने दुनिया में आईआईटी का डंका बजा रखा है। सम्मान पाकर गदगद पूर्व शिक्षक प्रो. वीके स्टोक्स ने कहा कि आईआईटी कानपुर ने देश में आधुनिक शिक्षा, तकनीक की नींव रखी है।