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सपा बड़ी पार्टी बन उभरी निर्दलीय भी आगे रहे

Tue, 03 Nov 2015 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
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जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव परिणाम सोमवार की शाम अधिकारिक रूप से घोषित कर दिया गया। राजनीतिक दल के रूप में सपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उसे नगर और देहात जनपद में कुल 23 सीटें हासिल हुई हैं। नगर में दस सीटें मिलीं और देहात में उसे 13 सीटें मिली हैं। निर्दलीय प्रत्याशियों का भी दबदबा रहा। निर्दलीय प्रत्याशियों को कुल 20 सीटें मिलीं।
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चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की स्थिति खराब रही। इन्हें सिर्फ छह सीटों पर ही जीत हासिल हुई। कांग्रेस का नगर में तीन सीटों पर खाता खुला। जबकि, देहात में सभी हार गए। बसपा को पिछली बार की अपेक्षा आधी से कम सीटों पर जीत मिल है। पिछले बार बसपा को कुल 28 सीटें मिली थीं।

नगर में जिला पंचायत की कुल 32 और देहात की 33 सीटों पर चुनाव हुआ। परिणाम आने के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए लड़ाई शुरू हो गई है। सभी पार्टियों की प्रदेश इकाई स्तर पर समीक्षा भी की जा रही है।
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मध्य यूपी में भी सपा का दबदबा
मध्य यूपी में जिला पंचायत चुनाव में सपा समर्थित प्रत्याशियों का दबदबा रहा।  कानपुर देहात में जिला पंचायत सदस्य की सभी 33 सीटों पर सपा समर्थित उम्मीदवारों का दबदबा रहा।  जिला पंचायत परिणामों में 19 सीटें सपा समर्थित के झोली में गईं। इटावा की जिला पंचायत की 24 सीटों में 16 पर सपा का कब्जा हो गया है। फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव और फतेहपुर में भी सपा का दबदबा रहा।

कांग्रेसियों के हंगामे से पलटी बाजी
कांग्रेसियों के हंगामे के बाद फिर बाजी पलट गई। रविवार को जीत की घोषणा के बाद सोमवार को कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी प्रमाणपत्र लेने पहुंचा तो बताया गया कि वह नहीं सपा समर्थित प्रत्याशी जीता है।

जानकारी मिलने पर पहुंचे कांग्रेसियों के हंगामे के दवाब में प्रेक्षक की उपस्थिति में अफसरों ने पॉलीटेक्निक जाकर दुबारा रिकार्ड चेक किया तो कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी की ही जीत निकली।

कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी रावेंद्र कुमार कुरील दोपहर बाद जिला पंचायत दफ्तर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह जीते हैं उन्हें जीत का प्रमाणपत्र दिया जाए। इस पर उन्हें बताया गया कि बिनौर से वह नहीं सपा समर्थित घसीटे लाल जीते हैं। इस पर रामेंद्र कुरील ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कांग्रेसियों को फोन किए।

शाम को कांग्रेस कमेटी ग्रामीण इकाई के जिलाध्यक्ष अभिजीत सिंह सांगा, पूर्व सांसद राजाराम पाल और बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नरेश चंद्र त्रिपाठी पहुंच गए। कांग्रेसियों ने हंगामा शुरू कर दिया तो फोर्स बढ़ा दी गई। अभिजीत सिंह सांगा का कहना था कि रावेंद्र कुमार कुरील के जीतने की घोषणा की गई थी।

वहीं विधायक मुनींद्र शुक्ला का कहना था कि रविवार देर रात चार बैलेट बॉक्स बचे थे। इनकी गिनती सोमवार सुबह कराई गई थी। बाद में प्रेक्षक और एडीएम सप्लाई/आरओ की उपस्थिति में पॉलीटेक्निक जाकर रिकार्ड देखा गया तो अफसरों को गलती पकड़ में आई। बाद में रावेंद्र कुमार कुरील को जीत का प्रमाणपत्र दिया गया।
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