कानपुर। न खाने का होश न पूरी नींद, 36 घंटे की कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट समाधान देकर टीमों ने जीत अपने नाम की। मौका था पीएसआईटी में आयोजित स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के समापन समारोह का। इसमें महाराष्ट्र, तेलंगाना, पंजाब और उत्तर प्रदेश की टीम विजेता बनी।
मुख्य अतिथि के रूप में विधान परिषद सदस्य अविनाश सिंह चौहान, पीएसआईटी के समूह निदेशक प्रो. डॉ. मनमोहन शुक्ला, विशिष्ट अतिथि एआईसीटीई के डिप्टी निदेशक डॉ. प्रशांत कुमार खरात एवं विनायक पचलाग तथा निदेशक प्रो. डॉ. राघवेंद्र सिंह ने विजेता टीमों को सम्मानित किया।
प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न राज्यों से आई 20 टीमों ने एआईसीटीई और खेल मंत्रालय से जुड़ी वास्तविक समस्याओं पर लगातार 36 घंटे काम कर तकनीकी समाधान तैयार किए। प्रतिभागी टीमों ने साइबर सुरक्षा, एड टेक, स्पोर्ट्स टेक समस्याओं से जुड़े अभिनव समाधान प्रस्तुत किए।
विभिन्न मंत्रालयों से आए जूरी सदस्यों ने बताया कि इस बार छात्रों ने समस्याओं को नए दृष्टिकोण से समझते हुए समाधान प्रस्तुत किए। डॉ. मनमोहन शुक्ला ने बताया कि कुल चार मूल्यांकन के आधार पर ज्यूरी ने टीमों को अंक दिए। इस दौरान संस्थान में नवाचार, तकनीक और युवा ऊर्जा का अनोखा माहौल देखने को मिला। मौके पर डॉ. विशाल नागर, डॉ. रघुराज सिंह सूर्यवंशी, डॉ. आरती सक्सेना और डॉ. सुमित चंद्रा मौजूद रहे।
यह रहे विजेता
रियल टाइम एआई/एमएल आधारित फिशिंग डिटेक्शन और प्रिवेंशन सिस्टम प्रॉब्लम स्टेटमेंट में महाराष्ट्र की टीम विजन क्राफ्ट विजेता रही जिसका नेतृत्व मानस महेंद्र भोले ने किया। डायनेमिक थ्रेट डिटेक्शन और जीरो ट्रस्ट मॉडल पर आधारित एआई-संचालित नेक्स्ट जेनरेशन फायरवॉल प्रॉब्लम स्टेटमेंट में पंजाब की टीम सुदर्शन और महाराष्ट्र की टीम कैच मिन इफ यु कैन ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके टीम लीडर क्रमश: श्री मिश्रा और प्रजापति निखिल रहे। एआई आधारित मिसइन्फॉर्मेशन ऑपरेशन में एलएलएम मॉडल्स से उत्पन्न राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों को कम करने वाले प्रॉब्लम स्टेटमेंट में तेलंगाना और उप्र की टीम संयुक्त विजेता रही। तेलंगाना की टीम एशटॉज का नेतृत्व शेख मोहम्मद ओमर और उत्तर प्रदेश की टीम टेक्नोफ्रॉग का नेतृत्व राज रक्षित शुक्ला ने किया। वहीं स्पोर्ट्स टैलेंट असेसमेंट को जनसुलभ बनाने के लिए एआई संचालित मोबाइल प्लेटफॉर्म प्रॉब्लम स्टेटमेंट में राजस्थान की टीम अंतदृष्टि विजेता रही जिसका नेतृत्व अश्मित बैनिक ने किया।
संस्थानों में तैयार हो रहे एआई आधारित प्लेटफार्म
एआइसीटीई के उप निदेशक डॉ. प्रशांत कुमार खरात ने कहा कि देश के इंजीनियरिंग कालेजों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शन के लिए तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सीखने के लिए एआई आधारित प्लेटफार्म विकसित किए जा रहे हैं जिससे इंजीनियरिंग संस्थानों के शैक्षिक माहौल में सुधार होगा। लाइव वर्चुअल लैब, डीप लर्निंग प्रोजेक्ट के साथ ही इंटरनेशनल हैकाथाॅन भी कराए जा रहे हैं। इंटरनेशनल हैकाथाॅन की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास किया जा रहा है।