कानपुर। सीएनजी सिटी बसें कम होने और ई-बसों के रूट कम किए जाने का असर गुरुवार को भाई दूज पर भी दिखा। अपने भाइयों को तिलक करने जा रही बहनें बसों के लिए परेशान रहीं। उन्हें विभिन्न चौराहों पर बसों के इंतजार में खड़ा रहना पड़ा। मजबूरी में ऑटो और ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ा। समय पर बसें न मिलने से ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने मनमाना किराया वसूला।
जरीबचौकी, टाटमिल चौराहा, रामादेवी, रावतपुर, कल्याणपुर, बारादेवी चौराहों पर सुबह से लेकर शाम तक यात्रियों की भीड़ रही। इनमें अधिकतर महिलाएं थीं जो अपने भाई को तिलक करने के लिए मायके जाने के इंतजार में थी। जो ई-बसें आ रही थीं वह पहले से ही भरी हुई थीं। सीनएजी सिटी बसें कम होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई थी। बता दें कि शहर में ई-बसों का संचालन कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (केसीटीएसएल) कराता है।
सिर्फ 18 सिटी बसें ही चल रहीं
बता दें कि शहर में 170 में से अब सिर्फ 18 सिटी सीनएनजी बसें चल रही हैं। बिल्हौर, घाटमपुर, रामादेवी, आईआईटी तक एक-दो ही सीनएजी बसें मिली। वहीं भाई दूज पर सवारियों की अपेक्षा ई-बसों की संख्या कम रही। रामादेवी से बिंदकी तक जाने वाली 16 ई-बसों को सिकटिया चौडगरा, रामादेवी से आईआईटी जाने वाली 23 ई-बसों को रामा मेडिकल कॉलेज तक संचालित किया जा रहा है। नौबस्ता से जहानाबाद रूट पर आठ ई-बसों को बंद किया गया है। रूट की दूरी भी 50 से घटाकर 30 किलोमीटर की गई है।
वर्जन
सीएनजी बसें कम हैं और ई-बसें सवारियों के हिसाब से कम हैं। एक बार जाने पर ई-बसें चार्ज करनी पड़ती है जिससे समय लग जाता है। इस वजह से दिक्कत हो रही है। -अभिनव निगम, संचालन प्रबंधक केसीसीएसएल