महिला ने बच्चे संग कुंए में कूदकर दी जान
चित्रकूट जिले के तमरार में सोमवार को आधी रात के बाद 24 वर्षीय शोभा पत्नी उमेश यादव ने अपने दो मासूम बच्चों चार वर्षीय पुत्र शेरू और एक वर्षीय पुत्री रानी को लेकर ससुराल के मकान के सामने स्थित पुराने कुएं में छलांग लगा दी। घर में सो रहे ससुराल के अन्य लोगों को भनक ही नहीं लगी। मंगलवार को तड़के घर की महिलाएं जागीं तो शोभा के कमरे के दरवाजे खुले मिले। शोभा और उसके दोनों बच्चे बिस्तर से नदारद थे। तलाश करने पर चंदकदम दूर स्थित प्राचीन कुएं में पानी के ऊपर पुत्री रानी का शव नजर आया। ग्रामीणों और ससुराल वालों ने कुएं में उतरकर तीनों शव बाहर निकाले। शोभा और उसका पुत्र शेरू पानी में डूबे हुए थे। शोभा ने शेरू को अपनी साड़ी से साथ में बांध रखा था।
मां और दो मासूमों की मौत से गांव में शोक छा गया। भरतकूप पुलिस ने मौके पर आकर तीनों शवों का पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पति उमेश सढ़ा (कालिंजर) गांव में किसान सेवा केंद्र में डीजल आपरेटर है। शोभा की शादी सात वर्ष पूर्व हुई थी। उसका मायका सतना (मध्य प्रदेश) जिले में बरौंधा थाना क्षेत्र का लालपुर गांव है। ससुर मइयादीन ने पुलिस को दी तहरीर में शोभा को अर्द्धविक्षिप्त बताया है। हालांकि खबर पाकर तमरार गांव आ गए शोभा के पिता देवचरण ने अर्द्धविक्षिप्त होने की बात को झूठा बताया है।
मां के आंचल में नींद के साथ मौत भी
बदौसा। चार वर्षीय पुत्र शेरू की मौत शायद मां शोभा के साथ लिखी थी। तभी वह सोमवार की रात जिद करके मां के आंचल में लिपटकर सो गया। मौत को गले लगाते वक्त भी मां शोभा ने शेरू को आंचल से अलग नहीं किया। अपनी साड़ी से उसे बांध लिया। बाबा मइयादीन ने बताया कि शेरू रोजाना उसके साथ सोता था। सोमवार को शाम न जाने क्यों उस पर मां के साथ सोने की जिद सवार हो गई। वह मां के पास जाकर सो गया। वरना रोज की तरह बाबा के साथ सोता तो शायद बच जाता। उधर, शोभा जिस कमरे में सोती थी उसका एक दरवाजा सीधे बाहर की ओर खुलता है। इसी से शोभा सीधे निकल गई। घर के अन्य कमरों में सो रहे लोगों को भनक नहीं लगी।