जिले के बलेथा गंाव की एक महिला ने नसबंदी के बावजूद बच्ची होने पर परेशान घूम रही है। शुक्रवार को बलेथा पहुंचे जिलाधिकारी मासूम अली सरवर से इस बात को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी और गरीबी का हवाला दिया था।
इसे अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ उठाया था। इसका नतीजा यह रहा कि जिले स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला की मदद के लिए प्रयास करने शुरू कर दिए।
प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस बाबत पत्र लिखा गया है। जिले के सीएमओ डा वीपी सिंह ने बताया कि अमर उजाला की खबर को पढ़ा है। महिला को मदद के लिए नियमों के तहत स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र लिखा गया है।
महिला को तीस हजार रुपये की मदद की जायेगी। वह महिला अपनी बच्ची का पालन पोषण कर सकेगी। साथ ही महिला को चिकित्सकीय सुविधा मिलेगी।
शुक्रवार को बलेथा गांव की एक महिला ने नसबंदी होने के बाद पैदा हुई बच्ची को जिलाधिकारी को सौंपकर कहा कि साहब इसे ले जाव। जिलाधिकारी ने मदद का आश्वासन दिया था।