कानपुर देहात। समूह की महिलाओं को मसाला उद्योग शुरू करने के लिए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन महिलाओं को मसाला बनाने के दौरान तय मानकों की जानकारी दी जा रही है। जबकि प्रशिक्षण पूरा होने पर कारोबार शुरू करने के लिए पीजी (उत्पादक समूह) फंड के तहत करीब 1.5 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शासन स्तर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी के तहत ग्रामीण आजीविका मिशन की तरफ से 30 महिलाएं सब्जी मसाला, पापड़ आदि बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। करीब दो वर्ष पहले जिले के 123 समूह से 1000 से अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मोहम्मदपुर के पास करीब एक बीघा जमीन में मसाला उद्योग स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया। इस कार्ययोजना में करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं लेकिन, बजट पास न होने से योजना अधर में लटकी हुई है।
उपायुक्त एनआरएलएम ने इन महिलाओं से मिलकर छोटे स्तर पर अलग-अलग स्थान पर मसाला कारोबार शुरू करने को प्रेरित किया। इसके लिए इन्हें अलग-अलग बैच में प्रशिक्षण व फंड की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। आरसेटी प्रशिक्षक निखिल मिश्रा ने बताया कि पहले बैच में 30 महिलाओं को मसाला व अन्य उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार पाण्डेय ने उत्पाद बनाने के दौरान खाद्य सुरक्षा के बारे में जानकारी प्रदान की है। जिसमें असली व नकली मसाले की पहचान, शाकाहारी व मांसाहारी पैकेट की पहचान, कारोबार शुरू करने के लिए रजिस्ट्रेशन सहित अन्य जानकारी दी गई है।
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बयान......
समूह की महिलाओं को मसाला उद्योग से संबंधित कारोबार शुरू करने के लिए पहले बैच में 30 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अगले बैच में अन्य महिलाओं को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा प्रशिक्षण पूरा होने पर उन्हें कारोबार शुरू करने के लिए पीजी फंड के तहत धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम