कानपुर। आप अकेली महिला हो इस लिए लोन नहीं मिलेगा। अगर लोन लेना है तो एक पुरुष सहयोगी लेकर आएं। कुछ ऐसे ही जवाब उन महिला उद्यमियों को मिल रहे हैं जो लोन के लिए किसी न किसी बैंक में आवेदन कर चुकी हैं। लंबी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद भी लोन के मामले में उनके सामने मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। कुछ ऐसी ही महिलाओं ने लोन मिलने में आने वाली दिक्कतें साझा कीं। उन्होंने बताया कि वैसे तो बैंक कुछ समय में लोन पास करने के दावे करते हैं पर जब उन्होंने आवेदन किया तो महीनों चक्कर काटने के बाद धन मिल सका।
- पनकी में गारमेंट का काम करने वाली महिला उद्यमी दीप्ति दुबे ने बताया कि दिसंबर 2024 में उन्होंने बिजनेस बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 25 लाख रुपये के लोन के लिए आवेदन किया था। सितंबर 2025 होने के बाद भी अब तक लोन नहीं मिला है। मेरे सारे कागज भी सही है और टीम ने हमारी इकाई का निरीक्षण भी कर लिया है। इसके बावजूद लोन नहीं हुआ है। बैंक वाले कहते हैं कि आप सहयोगी आवेदक को भी लगाइए। जबकि मेरे ही साथ कई पुरुष उद्यमियों ने आवेदन किया तो उन्हें वही लोन दे दिया गया।
- लघु उद्योग भारती महिला विंग की अध्यक्ष प्रेरणा वर्मा ने बताया कि 2016 में उन्होंने कार लोन के लिए आवेदन किया था। उस समय उन्हें लोन नहीं दिया गया। जब बार-बार लोन के लिए वह बैंक गईं तो अफसरों ने कहा कि आप महिला हो गारंटर के तौर पर किसी पुरुष को लेकर आओ। यह तब की बात है जब मैं अपना उद्यम स्थापित कर चुकी थी। हालांकि उसके बाद आज भी जब कोई महिला बैंक में लोन के लिए जाती है तो उसे पुरुष के मुकाबले ज्यादा चक्कर लगाने पड़ते हैं। आज भी लोन के बदले हमसे गारंटर की मांग होती है।
सरल हो लोन की प्रक्रिया
लोन की प्रक्रिया को थोड़ा सरल करना चाहिए। अगर आप एमएसएमई के जरिये लोन के लिए आवेदन कर रहे हैं तो एमएसएमई व बैंक को चाहिए कि लोन में जिन चीजों की जरूरत है उसकी एक सूची तैयार करें और उसे हर लोन लेने वाले को दें। मैं इस मामले में जल्द ही एमएसएमई के निदेशक से बात करूंगी कि अगर कोई महिला काम शुरू करना चाहती है तो लिखकर दें कि उन्हें क्या-क्या चाहिए जिससे महिलाओं को इधर-उधर भटकना न पड़े। - डॉ. अनुराधा वार्ष्णेय, महिला उद्यमी
गाइडलाइन के अनुसार दिया जाता लोन
आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार ही लोन दिया जाता है। उसी के अनुसार दस्तावेज मांगे जाते हैं और उसी के अनुसार पूरी प्रक्रिया की जाती है। इस तरह की योजनाओं के लिए डीपीआर बनाया जाता है और कोई कमी होती है तो उसे पूरा किया जाता है। - आदित्य चंद्रा, लीड बैंक मैनेजर