बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में जा रही जमीन के बाबत एसडीएम न्यायालय में गुहार लगाने पहुंची को एसडीएम ने पांच लाख रुपये में पाबंद करने की चेतावनी दी तो वह कार्यालय के बाहर बेहोश होकर गिर गई। इससे तहसील परिसर में अफरातफरी मच गई। महिला को तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
गांव नवलपुर निवासी कृष्ण मुरारी ने बताया कि उनकी गांव में जमीन है, जो जिला प्रशासन द्वारा जबरन कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने इसका विरोध किया तो एसडीएम सदर रमेश चंद्र ने उनकी पत्नी पुष्पा देवी व चचेरे भाई रामकुमार का शांति भंग में चालान कर दिया, आज देर शाम को छोड़ा गया।
यही नहीं जब उनकी पत्नी शाम को न्याय की गुहार लगाने एसडीएम के कार्यालय में पहुंची तो एसडीएम ने पांच-पांच लाख रुपये में पाबंद करने की चेतावनी दी। यह सुनकर उसकी पत्नी बेहोश हो गई। इस मामले में एसडीएम सदर ने बताया कि उनकी ओर से बनाई गई टीम द्वारा बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे में आ रही जमीन की जांच कराई गई।
जिसमें अभिलेखों के अनुसार नियमता कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद भी गांव के कुछ लोगों जिनमें उक्त लोग भी शामिल है बेवजह समस्या खड़ी की जा रही थी। इसको देखते हुए उनके खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई थी। पांच लाख रुपये में पाबंद किए जाने की बात पर उन्होंने कहा कि जब यह लोग मान नहीं रहे थे तो एसडीएम के अधिकार के तहत पांच लाख रुपये में पाबंद किए जाने की बात कही थी।