फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अभी मालगाड़ी चला रही हूं आगे चलकर बुलेट ट्रेन चलाऊंगी: मधुलता

Thu, 08 Mar 2018 02:11 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 4
मधुलता लाेकाे पायलट
बचपन में छुक-छुक करती रेलगाड़ी को देखकर एक बड़ा सपना पाल चुकी बनारस की मधुलता वर्मा ने अपनी मेहनत के बल पर आखिर मंजिल को पा ही लिया। हम अापकाे मालगाड़ी की पायलट सीट पर बैठ मीलाें तक अकेले सफर तय करने वाली मधुलता की जिंदगी से रूबरू करवाने जा रहे हैं। 
 


 
विज्ञापन

2 of 4
इंजन के बारे में जानकारी देती मधुलता
मधुलता जब मालगाड़ी की पायलट सीट पर बैठती हैं तो उनके चेहरे की खुशी देखते ही बनती है। वह भारतीय रेल की कानपुर डिवीजन में लोको पायलट हैं। अभी उन्हें मालगाड़ी चलाने को मिली है पर उनका सपना बुलेट ट्रेन से लेकर राजधानी चलाने का है। आप को जानकर हैरानी होगी की मधुलता खेती भी करती हैं। वह मूलरूप से बनारस की रहने वाली हैं लेकिन इन दिनों गोविंद नगर स्थित अपने मकान में रह रही हैं।
 
विज्ञापन

3 of 4
वुमन्स लाेकाे पायलट मधुलता
इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेड से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने महिला लोको पायलट के लिए आवेदन किया था। पिछले डेढ़ साल से वह लोको पायलट हैं। कानपुर डिवीजन में मधुलता की तैनाती रेलवे की लोको पायलट के पद पर हैं। बुधवार को मधुलता इलाहाबाद से कानपुर मालगाड़ी लेकर आई हैं। उन्होंने ने बताया कि बचपन से मेरी तमन्ना थी कि मुझे ट्रेन चलानी है। अभी तो मालगाड़ी चलाने का ही मौका मिला है। मेरा सपना है कि मै आगे सुपरफास्ट ट्रेन, राजधानी भी चलाऊं।
 
 
विज्ञापन

4 of 4
मधुलता
मधुलता के एक भाई और एक बहन हैं। पिता गुरुदेव प्रसाद वर्मा बनारस में किसान हैं तो उनकी मां हाउस वाइफ हैं। वह कहती हैं एचएएल में कार्यरत रंजना ने उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें अपना सपना पूरा करने के लिए उत्साहित किया। मधु हंसते हुए कहती हैं कि उनके परिवार या किसी रिश्तेदार का रेलवे विभाग से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें