चित्रकूट में प्रमोद वन के पास बीमारी से तंग आकर नर्स ने मंदाकिनी नदी में कूदकर खुदकुशी कर ली। सुसाइड नोट में खुदकुशी का कारण लिखकर पति से दोनों बच्चों का ध्यान रखने को कहा। यह भी बताया कि आर्थिक स्थिति अच्छी न होने से वह सही इलाज नहीं करा पा रही है।
मुख्यालय से सटे उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश सीमा के नया गांव थाना क्षेत्र के रामधाम मोहल्ला निवासी मनीषा रावत (30) पत्नी मानिक लाल रावत ने गुरुवार रात करीब दस बजे घर में सुसाइड नोट रखकर चली गई।
इस दौरान पति व दो बच्चे सो रहे थे। घर से कुछ दूर आगे जाकर गोयनका घाट के पास मंदाकिनी नदी में कूद कर जान दे दी। सुबह घर से पत्नी को नदारद देख आसपास खोज की। तभी कुछ लोगों ने नदी में शव उतराता देखा।
सूचना पर पहुंचे कांग्रेस विधायक नीलांशू चतुर्वेदी ने सहयोगियों के साथ नदी से शव को बाहर निकाला। शव की शिनाख्त मनीषा के रूप में होने से परिजनों में कोहराम मच गया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जानकारी के मुताबिक मृतका जानकी कुंड सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के अस्पताल में नर्स थी। पति दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। उसके दो पुत्र हैं।