यूपी के उन्नाव जिले में डॉक्टर द्वारा की गई लापरवाही आपके होश उड़ा देगी। बात 4 जुलाई 2017 की है। रामपति (36) पत्नी भीमसागर ने एक नर्सिंग होम में पेट का ऑपरेशन कराया था। इस दौरान नर्सिंग होम के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गर्भाश्य बाहर निकाल दिया था।
इसके बाद डॉक्टर ने जो लापरवाही की उससे आज रमापति और उसके परिवार पर संकट के ऐसे बादल मंडरा रहे हैं कि उन्हे सूझ नहीं रहा कि करें तो क्या करें। एक तो रामपति के पति ने इलाज कराने के लिए उसने जेवर व जमीन बेच दी। उसके बाद रामपति और उसके पति को जब इस बात की जानकारी मिली तो उसके पैरों तले जमीन ही खिसक गई।
संक्रमण की वजह से मल व पेशाब के रास्ते एक हो गए हैं
डेमो पिक
आसीवन थानाक्षेत्र के कस्बा रसूलाबाद के मोहल्ला सुभाष नगर निवासी रामपति (36) पत्नी भीमसागर ने शहर के दोस्ती नगर स्थित भगवती नर्सिंग होम में 4 जुलाई 2017 को पेट का ऑपरेशन कराया था। नर्सिंग होम के डाक्टरों ने ऑपरेशन कर गर्भाश्य बाहर निकाल दिया था। इस दौरान उन्होंने माब (खून साफ करने के लिए प्रयोग होने वाला कपड़ा) रामपति के पेट में ही छोड़ दिया और टांके लगा दिए। सात दिन बाद रामपति की नर्सिंग होम से छुट्टी कर दी गई थी।
भीमसागर के अनुसार आपरेशन के बाद भी पेट दर्द ठीक नहीं हुआ था। इस पर 20 जुलाई 2018 को वह पत्नी को लेकर लखनऊ अमौसी स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचा। यहां चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड जांच के बाद पेट का आपरेशन किया। ऑपरेशन के दौरान लगभग दो सौ ग्राम वजनी माब को बाहर निकाला गया। रामपति का दोबारा आपरेशन करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि पहले ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती गई। भीमसागर ने मामले की शिकायत सीएमओ से की है।
पत्नी के इलाज के लिए बेच दिए जेवर
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पत्नी के इलाज के लिए बेच दिए जेवर
भीमसागर ने बताया कि पत्नी का इलाज कराने के लिए उसने जेवर व जमीन बेच दी। सफीपुर के डाक्टर विनोद ने उसे भगवती नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। ऑपरेशन के लिए उन्होंने उससे 30 हजार रुपये भी लिए थे।
संक्रमण से बिगड़ गई हालत
लंबे समय तक पेट में कपड़ा रहने से रामपति के शरीर में संक्रमण फैल गया है। निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने भीमसागर को बताया कि संक्रमण की वजह से मल व पेशाब के रास्ते एक हो गए हैं। संक्रमण दूर करने के लिए लंबा इलाज चलेगा। खेती किसानी करने वाले भीमसागर की यह स्थिति नहीं है कि वह पत्नी का इलाज करा सके।
सीएमओ का वर्जन
डा. लालता प्रसाद ने बताया कि आपरेशन में लापरवाही बरतने का मामला संज्ञान में आया है। टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
डा. विनोद का वर्जन
रसूलाबाद निवासी महिला को आपरेशन कराने की सलाह दी थी। भगवती नर्सिंग होम में आपरेशन उन्होंने नहीं बल्कि दूसरे चिकित्सक ने किया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें बुलाया गया था लेकिन परिजनों ने संपर्क नहीं किया।