आईआईटी के विशेषज्ञ अपराध पर करेंगे शोध
नए उपकरणों से जहां सर्विलांस और सर्वर सिस्टम मजबूत होगा, वहीं वहां के विशेषज्ञ भविष्य में संभावित होने वाले अपराध के तरीके पर शोध कर सकेंगे। उनके पास डेटा एकत्रित हो जाएगा, जिसकी मैथमेटिकल मॉडलिंग और डेटा का विश्लेषण कर सटीकता मिलेगी। विशेषज्ञ यह बता सकेंगे कि कौन से अपराध की किस संभावना है। विश्लेषण के आधार पर डायल 112 के वाहनों को निर्धारित स्थान पर खड़ा किया जा सकेगा।
क्राइम ब्रांच के विभाग करेंगे जांच
| विभाग |
जांच |
| स्वॉट |
लूट, छिनैती व अन्य |
| होमिसाइड |
हत्या से संबंधित |
| एंटी थेफ्ट |
चोरी की घटनाएं |
| नॉरकोटिक्स |
नशीले पदार्थों से संबंधित |
इस तरह के मामलों में मिलेगी मदद
- मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग नहीं हुआ हो।
- घटनास्थल पर सुराग और साक्ष्य बरामद नहीं हुए।
- दूसरे सर्वर या सेवा प्रदाता कंपनी के सहयोग से ठगी।
- फर्जी सिम और क्लोन सिम का उपयोग किया ।
क्राइम ब्रांच की बनेगी लैब
पुलिस लाइन में क्राइम ब्रांच की एक लैब भी बनाने की योजना है। यहां पर विशेष तरह के रिकार्ड और कुछ मॉडल को रखा जाएगा। इनकी मदद से पुलिसकर्मियों को घटनाओं की जांच का प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
क्राइम ब्रांच को आईआईटी के सहयोग से कई तरह के उपकरण और संसाधन मिलने हैं। इनकी वजह से जांच और शातिर अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलेगी।- अंंजलि विश्वकर्मा, एडीसीपी क्राइम