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UP: धूर्त व शातिर अपराधी डाल-डाल तो पात-पात होगी पुलिस,IIT की मदद से क्राइम ब्रांच को मिलेंगे अत्याधुनिक उपकरण

Mon, 16 Jun 2025 12:27 PM IST
शिखा पांडेय शशांक शेखर भारद्वाज, अमर उजाला, कानपुर

सार

उप्र एसटीएफ और दिल्ली व मुंबई की क्राइम ब्रांच की तरह कमिश्नरी की क्राइम ब्रांच विकसित होगी। आईआईटी कानपुर की मदद से क्राइम ब्रांच को कई अत्याधुनिक उपकरण मिलेंगे। जिससे जांच आसान होगी।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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शातिर और धूर्त अपराधी पुलिस के संसाधनों और तकनीक को चुनौती दे रहे हैं। उनके वारदात का तरीका बदल रहा है। इसमें नशीले पदार्थों की तस्करी से लेकर चोरी, टप्पेबाजी, जालसाजी की घटनाएं शामिल हैं। साइबर संबंधी अपराध में बिल्कुल नए तरीकों से ठगी की जा रही है। इन चालाक अपराधियों से निपटने के लिए कमिश्नरी पुलिस को मजबूत करने की तैयारी है। आईआईटी कानपुर की ओर से क्राइम ब्रांच को जल्द ही कई अत्याधुनिक उपकरण मिलेंगे। इनकी मदद से अपराधियों की लोकेशन, उनकी बातचीत और अन्य जानकारियां सामने आ जाएंगी।

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बड़े और गंभीर अपराध में पुलिस और क्राइम ब्रांच जांच करती है। कमिश्नरी की क्राइम ब्रांच में स्वॉट टीम पहले से थी, अब तीन नए विभाग होमिसाइड, एंटी थेफ्ट और नारकोटिक्स बना दिए गए हैं। सभी के अलग अलग प्रभारी हैं। कई वारदातों में पुलिस के हाथ खाली रह जाते हैं। उनके पास कोई सुराग नहीं मिल पाता है। अब विभाग को प्रदेश की एसटीएफ और दिल्ली व मुंबई की क्राइम ब्रांच जैसा सशक्त बनाने की तैयारी है। पुलिस को आईआईटी कानपुर के सहयोग से अत्याधुनिक उपकरण मिलेंगे। क्राइम ब्रांच के अधिकारी संसाधनों की सूची संस्थान देगा। दोनों के बीच बेहतर पुलिसिंग के लिए पहले ही करार हो चुका है।

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आईआईटी कानपुर - फोटो : सोशल मीडिया
आईआईटी के विशेषज्ञ अपराध पर करेंगे शोध
नए उपकरणों से जहां सर्विलांस और सर्वर सिस्टम मजबूत होगा, वहीं वहां के विशेषज्ञ भविष्य में संभावित होने वाले अपराध के तरीके पर शोध कर सकेंगे। उनके पास डेटा एकत्रित हो जाएगा, जिसकी मैथमेटिकल मॉडलिंग और डेटा का विश्लेषण कर सटीकता मिलेगी। विशेषज्ञ यह बता सकेंगे कि कौन से अपराध की किस संभावना है। विश्लेषण के आधार पर डायल 112 के वाहनों को निर्धारित स्थान पर खड़ा किया जा सकेगा।

क्राइम ब्रांच के विभाग करेंगे जांच
विभाग जांच
स्वॉट लूट, छिनैती व अन्य
होमिसाइड हत्या से संबंधित
एंटी थेफ्ट चोरी की घटनाएं
नॉरकोटिक्स नशीले पदार्थों से संबंधित

इस तरह के मामलों में मिलेगी मदद
- मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग नहीं हुआ हो।
- घटनास्थल पर सुराग और साक्ष्य बरामद नहीं हुए।
- दूसरे सर्वर या सेवा प्रदाता कंपनी के सहयोग से ठगी।
- फर्जी सिम और क्लोन सिम का उपयोग किया ।

क्राइम ब्रांच की बनेगी लैब
पुलिस लाइन में क्राइम ब्रांच की एक लैब भी बनाने की योजना है। यहां पर विशेष तरह के रिकार्ड और कुछ मॉडल को रखा जाएगा। इनकी मदद से पुलिसकर्मियों को घटनाओं की जांच का प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।  

क्राइम ब्रांच को आईआईटी के सहयोग से कई तरह के उपकरण और संसाधन मिलने हैं। इनकी वजह से जांच और शातिर अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलेगी।- अंंजलि विश्वकर्मा, एडीसीपी क्राइम

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