कानपुर में इस साल देर से शुरू हुई सर्दी ने 21 सालों का रिकॉर्ड तोड़ डाला। इतने सालों में पहली बार 18 जनवरी को 2.6 डिग्री न्यूनतम पारा रिकॉर्ड किया गया। यह सितमगर सर्दी इस बार खूब लंबी खिंचेगी। हाड़ कंपा देने वाली शीत लहर आपको तीन दिन और कंपकंपाएगी।
जलवायु परिवर्तन के कारण प्रभाव में आए ला निना का असर यहां भी पड़ रहा है। प्रशांत महासागर में उठे इस चक्रवात ने दुनिया के कई हिस्सों को प्रभावित किया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार 22 और 23 जनवरी को बारिश के आसार दिख रहे हैं। कई जगह ओलावृष्टि भी हो सकती है। फिलहाल न्यूनतम पारा सामान्य से कम ही रहने का अनुमान है।
गलन भरी ठंड ने माहौल को ही बदल कर रख दिया है। लोगों की दिनचर्या पर सर्दी का असर साफ देखने को मिल रहा है। घरों से बाहर न निकलना पड़े इस कारण लोग तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं।
ठंड का असर बाजारों पर भी पड़ा। दिन में कुछ ग्राहक दिखे लेकिन शाम होते ही सन्नाटा छा गया। होटलों में जहां भीड़ दिखती थी वहां इक्का-दुक्का लोग ही दिखे। फेरी लगाने वाले, मजदूरी करने वालों ने सबसे ज्यादा दिक्कत महसूस की। घर-घर अंगीठी और हीटर जले।
1999 में पारा आया था इतना
मौसम विभाग के अनुसार 18 जनवरी 1999 को न्यूनतम पारा 2.6 डिग्री आया था। अब मंगलवार तड़के दो बजे से चार के बीच इतना पारा रिकॉर्ड किया गया। एक दिन पहले की अपेक्षा न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की कमी आई है। सामान्य (4.6) से भी पारा दो डिग्री कम है। वहीं अधिकतम तापमान एक दिन पहले की अपेक्षा दो डिग्री बढ़कर 13 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार सर्द हवाओं का यह सिलसिला 20-21 जनवरी तक जारी रह सकता है।
बारिश के हैं आसार, पड़ सकते हैं ओले
चंद्रशेखर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडे ने बताया कि ला निना प्रभाव की वजह से इस बार सर्दी लंबी पड़ेगी। 22 और 23 जनवरी को मौसम में परिवर्तन देखने को मिलेगा। इन दो दिनों में महानगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर ओले भी पड़ सकते हैं। मटर, सरसो जैसी दलहनी फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है।
वर्ष 2000 से 2021 तक न्यूनतम पारा (18 जनवरी का)
2000 में 4, 2001 में 3, 2002 में 3, 2004 में 10.5, 2005 में 12.6, 2006 में 10, 2007 में 6.7, 2008 व 09 में 10.5, 2011 में 5.2, 2012 में 8, 2013 में 12.7, 2014 में 9.7, 2015 में 9.6, 2016 में 4, 2017 में 5.7, 2018 में 6.4, 2019 में 5, 2020 में 10.8, 2021 में 5.6, 2022 में 2.6