उन्नाव कोतवाली क्षेत्र के बरातीखेड़ा निवासी रामजीवन की हत्या उसकी पत्नी के इशारे पर देवर (मृतक के सौतेले भाई) ने अपने साढ़ू के साथ मिलकर की थी। दस दिन पहले लखनऊ जिले में हत्या कर शव फेंकने की घटना का पुलिस ने रविवार को खुलासा किया।
हसनगंज के बरातीखेड़ा गांव निवासी रामजीवन यादव का शव 30 जनवरी को लखनऊ के काकोरी थानाक्षेत्र के करझन गांव के पास झाड़ी में मिला था। घटनास्थल से करीब एक किमी की दूरी पर बसंतखेड़ा गांव में रहने राजीवन की ममेरी बहन उमा ने शव की पहचान की थी।
जांच के दौरान उसने पुलिस को मृतक की पत्नी उमा देवी के देवर (मृतक के सौतेले भाई) अनूप से अवैध संबंध होने की बात बताई थी। हसनगंज थाना पुलिस ने सर्विलांस की मदद से अनूप की लोकेशन तलाशी तो राजफाश हो गया। जांच में कई और अहम सुराग मिले।
पुलिस गुमशुदा की तलाश कर रही थी
हसनगंज थाना पुलिस ने अनूप से कड़ाई से पूछताछ की तो सच उगल दिया। एसपी हरीश कुमार ने खुलासे की जानकारी देते हुए बताया कि मृतक रामजीवन की पत्नी उमा देवी 23 जनवरी को हसनगंज थाने में पति के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस गुमशुदा की तलाश कर रही थी।
इसी बीच रामजीवन का शव काकोरी थानाक्षेत्र में मिलने जानकारी मिली। बताया कि जांच में सामने आया कि रामजीवन की पत्नी उमदेवी और रामजीवन के सौतेले भाई अनूप यादव एक साल पहले भाग गए थे। लौटने के बाद दोनों इसी घर में एक साथ रह रहे थे। 17 जनवरी को रामजीवन ने अपनी 10 बिसुवा जमीन बेच दी थी। जमीन और रुपयों को लेकर तीनों के बीच आएदिन विवाद होने लगा।
अपने पति की हत्या की साजिश रची
इस पर उमा देवी ने अपने पति की हत्या की साजिश रची और देवर अनूप ने नरेरा गांव निवासी अपने साढ़ू सरवन के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। एसपी ने बताया कि घटना की तफ्तीश के दौरान गांव के लोगों ने भी बताया था। उन्हाेंने कहा कि 22 जनवरी को देर शाम अनूप और सरवन रामजीवन को बाइक में बीच में बैठाकर कहीं ले जा रहे थे। पूछने पर बीमार होने और इलाज कराने के लिए जाने की बात बताई थी। खुलासा होने पर मृतक की पत्नी उमादेवी, सौतेले भाई अनूप यादव और उसके साढ़ू को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।