कानपुर देहात। घाटमपुर थाना क्षेत्र के इटर्रा में ससुराल आए युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मृतक के पिता ने बहू व उसकी मां पर हत्या का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही थी। सोमवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
बिधनू थाना क्षेत्र के बढ़ेरा गांव निवासी राजकुमार 27 सितंबर 2012 को अपनी ससुराल घाटमपुर इटर्रा गया था। वहां रात में खाना खाने के बाद वह सो गया था। सुबह वह मृत अवस्था में पड़ा मिला था। राजकुमार के पिता जगमोहन ने घाटमपुर कोतवाली में पुत्र वधू रन्नो व उसकी मां शांती देवी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में जांच कर आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। इस मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही थी। एडीजीसी आशीष कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में वादी व गवाहों के बयानों के साथ अभियोजन तथा बचावपक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने रन्नों व उसकी मां शांती देवी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 15-15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।