12 नवंबर को बरात आना तय थी
परिजनों ने देर रात मौदहा कोतवाली पुलिस को तहरीर देते हुए इंसाफ की मांग की है। दुल्हन की मां फातिमा ने बताया की 12 नवंबर को बरात आना तय थी, दान दहेज़ पहले ही भेज दिया गया था। उसे देख कर दूल्हा पक्ष ने कुछ सामान की डिमांड और की। उसे भी खरीद कर दिया गया।
वर पक्ष ने रखी पांच लाख और बाइक की मांग
इसके बाद ऐन मौके पर बाइक और पांच लाख रूपये और देने की मांग की गई, जिसे देने में वह असमर्थ थे। इसलिए बरात नहीं आई। ऐसे में उन्हें रोता देख बेटी ने जहरीला पदर्थ खा लिया। उसे कानपुर में भर्ती कराया गया है, जहां वह जिंदगी मौत के बीच जूझ रही है।
जांच के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी
बरातियों के स्वागत सत्कार के लिए जो खाने पीने का बंदोबस्त किया था, वह मोहल्ले पड़ोस में बंटवा दिया गया है। मौदहा कोतवाल सुरेश सैनी ने बताया की दहेज की मांग पूरी ना होने पर बरात ना लाने की तहरीर मिली है। जांच के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।