कानपुर। दीपावली नजदीक आते ही साइबर ठग भी तैयारी में जुट गए हैं। ऑनलाइन खरीदारी में विशेष छूट, आकर्षक ऑफर और लुभावने गिफ्ट के नाम पर जाल बिछाया जा रहा है। आपकी थोड़ी सी लापरवाही बैंक खाते को मिनटों में खाली कर सकती है। ऐसे में सावधानी और सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। ठगों ने विभिन्न ई-कॉमर्स कंपनियों की मिलती-जुलती वेबसाइट बनाकर साइबर ठगी की तैयारी कर ली है। डीसीपी क्राइम अतुल श्रीवास्तव ने शहरवासियों से अपील की है कि ऑनलाइन शॉपिंग में बेहद सावधानी बरतें नहीं तो ये सक्रिय ठग आपका पूरा खाता खाली कर देंगे। त्योहारों में ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट का चलन तेजी से बढ़ता है। इसी का फायदा साइबर ठग हर बार उठाते हैं।
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फॉरवर्ड संदेशों पर भरोसा कतई न करें
फेसबुक, व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भेजे जा रहे शॉपिंग के ऑफरों पर भरोसा न करें। अगर आपको किसी अनजान नंबर से संदेश आता है और उसके साथ लिंक दिया गया तो लिंक पर क्लिक या टैप कतई न करें। साथ ही कई बार फॉरवर्ड वाले संदेश शेयर न करें। गूगल से किसी भी कस्टमर केयर का नंबर निकालकर कतई कॉल न करें।
करना क्या है आपको
अगर आपको ऑनलाइन खरीदारी करनी है तो गूगल क्रोम पर कंपनी की वेबसाइट सर्च करेंगे। यहां आप खरीदारी साइट के दो अक्षर लिखेंगे तो आपके सामने स्क्रीन पर नीचे कई तरह के मिलते जुलते विकल्प आ जाएंगे। ध्यान रखना है कि यूआरएल एचटीटीपीएस (हाइपरटेक्सट ट्रांसफर प्रोटोकॉल सिक्योर) वाला इस्तेमाल करना है जो पूरी तरह से सुरक्षित है। दूसरी सावधानी ये बरतनी है कि जो यूआरएल खुला है उस पर ऑर्डर और पेमेंट करने से पहले अच्छी तरह से परख लें।
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क्या न करें
-एचटीटीपी वाला यूआरएल कतई इस्तेमाल न करें।
-पेमेंट करने से पहले गेटवे चेक कर लें कि बीच का कोई ब्रोकर न हो।
-शॉपिंग के दौरान यूआरएल टाइप करने के दौरान आधा नहीं पूरा यूआरएल टाइप न करें।
क्या करें
-पेमेंट करने से पहले पूरी तरह सावधानी बरतें।
-गूगल से यूआरएल न देंखें, अक्सर होता है धोखा।
-अनजान लिंक न खोलें और फारवर्ड मैसेज पर भरोसा न करें।
-त्योहार के समय नई वेबसाइट व एप से बचने की कोशिश करें।
पैंतरों से रहें सावधान
किसी भी अज्ञात कॉल पर 20 सेकेंड से ज्यादा बात न करें। साइबर ठग त्योहारों पर नए-नए पैंतरों से लोगों को ठगने की फिराक में लगे हैं। आपके मोबाइल पर लुभवाने ऑफर देकर लिंक भेजेंगे। लिंक पर क्लिक करते ही फोन हैक हो जाएगा। इसके बाद कुछ ही पल में खाते से रकम पार हो जाएगी। ...
वर्जन
ऑनलाइन खरीदारी करनी है तो सुरक्षित प्लेटफार्म से ही करें। खुद भी जागरूक हों और दूसरों को भी करें। अनजान लिंक न खोलें और फारवर्ड संदेशों पर कम भरोसा करें। जागरूकता और सावधानी से ही ठगों से बचा जा सकता है। -अतुल श्रीवास्तव, डीसीपी क्राइम