शादी के एलबम का चलन हुआ पुराना, अब आया 'एप शेयर का जमाना'
Thu, 28 Jun 2018 05:42 PM IST
शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर
सार
- शादियों की फोटोग्राफी में आया बदलाव, ड्रोन कैमरे से शूट हो रहा वीडियो
- एलबम के बजाए फोटोग्राफर एप बनाकर दे रहे, रिश्तेदारों को करें शेयर
- प्री वेडिंग से लेकर पोस्ट वेडिंग तक के नेचुरल फोटो शूट का चलन
- एक से आठ लाख रुपये तक का है पैकेज
बदलते दौर के साथ अब शादियों में होने वाली फोटोग्राफी में भी बड़ा बदलाव आया है। हजारों मेें होने वाली फोटोग्राफी का बजट अब लाखों में पहुंच गया है। बाकायदा छह से आठ लोगों की टीम आती है। प्री वेडिंग से लेकर पोस्ट वेडिंग तक के फोटो शूट हो रहे हैं।
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ड्रोन की मदद से वीडियो शूट होता है। इसकी मदद से भीड़भाड़ की तस्वीर भी आसानी से कैद की जा सकती है। इतना ही नहीं एलबम के बजाय अब एप बनाकर दिए जा रहे हैं। जिसे भी लिंक शेयर करेंगे, वो आपकी फोटो देख सकेगा और उस पर लाइक व कमेंट भी कर सकेगा।
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कानपुर शहर में भी इस तरह की फोटोग्राफी का चलन बढ़ा है। विकास नगर की रहने वाली सौम्या की शादी किदवई नगर के गौरव से हुई है। इस शादी में ऐसी ही फोटोग्राफी का इस्तेमाल हुआ है। दिल्ली से आई आठ लोगों की टीम ने पूरी शादी कवर की है। गुमटी स्थित रोली स्टूडियो के सुभाष मिश्रा बताते हैं कि इस तरह की फोटोग्राफी का बजट एक लाख से आठ लाख रुपये तक है। टीम ड्रोन कैमरे से वीडियो शूट करती है। फोटो बूथ लगते हैं। एप के माध्यम से मिलने वाले फोटो और वीडियो यू-ट्यूब पर शेयर किए जा सकते हैं। गोविंद नगर रंगोली स्टूडियो के राजीव अरोड़ा कहते हैं कि कैंडिड (नेचुरल) फोटो शूट का ट्रेंड भी बढ़ रहा है। दूल्हा और दुल्हन यहां तक की नाते रिश्तेदार भी नेचुरल लुक की मांग करते हैं।
ड्रोन से वीडियो शूट
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ड्रोन से 100 मीटर की ऊंचाई से वीडियो शूट किया जाता है। इसकी मदद से कार्यक्रम स्थल का सुंदर दृश्य भी कैमरे में कैद किया जा सकता है। इसके अलावा भीड़भाड़ होने के बाद भी बारात की वीडियोग्राफी या जयमाल का सीन भी आसानी से शूट हो जाता है। इन ड्रोन कैमरों को टीम के निपुण लोग चलाते हैं।
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एलईडी वॉल की भी व्यवस्था
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भीड़भाड़ में शादी की रस्मों को मेहमान आसानी से देख सके, इसके लिए एलईडी वॉल का इस्तेमाल किया जाता है। दूर बैठे मेहमान भी दूल्हा-दुल्हन से लेकर अन्य नजारे भी देख सकते हैं।
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कैंडिड फोटोशूट यानी नेचुरल तस्वीर
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पहले जहां शादियों में दूल्हा-दुल्हन फोटोग्राफर के ‘आदेशों’ का पालन करते नजर आते थे, मसलन जब फोटोग्राफर कहता था हंसों तब हंसे, जब वह बोला खड़े हो जाओ तो खड़े हो गए। अब इस ट्रेंड में बदलाव आया है। कैंडिड फोटोशूट के माध्यम से शादियों में दुल्हन और दूल्हे के नेचुरल पोज खींचने का ट्रेंड चल पड़ा है। मतलब सामने वाले को पता भी नहीं चले और फोटो खिंच जाए।
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डिजिटल एलबम, शेयर करो लिंक
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पहले शादियों में फोटो को खींचने के बाद उनकी तस्वीरों को एलबम में लगाया जाता था। अब डिजिटल प्रिंट एलबम का क्रेज बढ़ा है। फोटोग्राफर डिजिटल एलबम बनाकर दे रहे हैं। इसमें फोटोग्राफर एप बनाकर शादी या किसी भी कार्यक्रम की फोटो और वीडियो डाल देते हैं। दूल्हा-दुल्हन एप का लिंक अपने रिश्तेदारों को शेयर करते हैं। इससे वो लोग भी फोटो देख पाते हैं।
शादियों में सेल्फी के बाद अब फोटो बूथ का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ रहा है। फोटो बूथ में फोटोग्राफर टीम के कुछ लोग रहते हैं और मेहमानों की फोटो खींचकर तुरंत उसका प्रिंट निकालकर दे देते हैं।