राजपुर(कानपुर देहात)। तेज धूप और गर्मी से लोगों की सेहत खराब हो रही है। उल्टी-दस्त, सिर में दर्द, घबराहट के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे लोगों से इमरजेंसी में मरीजों की संख्या बढ़ी है।
जनपद में बढ़ते तापमान के साथ ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप तेज हो गया है। मंगलवार को 44 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बढ़ते तापमान का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज समेत जिले की सभी सीएचसी, पीएचसी की ओपीडी में उल्टी पेट दर्द व डिहाइड्रेशन से पीड़ित लोगों की संख्या अधिक रही। चिकित्सकों के अनुसार तेज धूप और गर्मी से डायरिया और दूषित खानपान से पेट रोग की दिक्कत बढ़ गई है।
इमरजेंसी में रोजाना ऐसे 70 से 80 मरीज आ रहे हैं। ज्यादातर में सिर में दर्द, उल्टी-दस्त, घबराहट, पसीना अधिक आने और शरीर में पानी की कमी की दिक्कत मिल रही है। कई मरीजों का रक्तचाप भी ठीक नहीं मिला। गर्मी के कारण पिछले तीन दिनों में मरीजों की संख्या में 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। विशेषकर बच्चे, बुजुर्ग और धूप में काम करने वाले युवा इन बीमारियों की चपेट में अधिक आ रहे हैं। सीएचसी, पीएचसी की इमरजेंसी में भी दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। मेडिकल कॉलेज के ईएमओ डॉ. निशांत पाठक ने बताया कि दूषित भोजन और शादी-समारोह में ओवर इटिंग से पेट में दर्द, अपच और फूड पॉइजनिंग भी हो रही है। इधर तेज धूप से मौसम बदला है। इससे पेट संबंधित संक्रमण वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। पेट दर्द के साथ डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़े हैं।
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डिहाइड्रेशन के लक्षण
मुंह सूखना, बार-बार पानी मांगना।
कमजोरी व चक्कर आना।
पेशाब कम और पीले रंग का आना।
शरीर का तापमान कम होना।
बेहोशी आना।
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बचाव के उपाय
खनिज की पूर्ति करने वाले पेय पदार्थों का सेवन करें।
साफ ताजा पानी पिएं, ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचें।
डायरिया होने पर ओआरएस का घोल पिलाएं।
नींबू पानी, बेल का शरबत, शिकंजी, छाछ पीना।
जंक फूड का सेवन करने से बचें।
खुले में बिकने वाले पेय पदार्थों का सेवन न करें।
तला भुना, मिर्च मसाले वाले भोजन से बचें।
तापमान का संतुलन बनाएं रखें, कूलर एसी से सीधा धूप में न निकलें।
फुल आस्तीन के कपड़े पहनें।
शरीर में पानी की कमी न होने दें।
ज्यादा देर धूप में न रहें।
घबराहट होने पर लापरवाही न करें, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।