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तेज हवाओं के साथ हुई बूंदाबांदी, फसलों का नुकसान

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सैंथा गांव में लाही की थ्रेशरिंग करते किसान। - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। मौसम में बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार की सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। खेतों में कटी पड़ी लाही व सरसों की फसल समेटने के लिए किसान परेशान रहे। तेज हवाओं से गेहूं की फसल गिरने लगी। इससे पैदावार प्रभावित होने की चिंता किसानों में दिखी। फिलहाल लाही की फसल की थ्रेसरिंग का काम बंद हो गया है।
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जिले में करीब सवा लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई है। जबकि लाही व सरसों का रकबा करीब 25 हजार हेक्टेयर है। इस बार गेहूं व लाही की फसल अच्छी है। किसानों को उम्मीद है कि पैदावार अच्छी होगी। लेकिन मौसम का रुख देख किसान परेशान हैं। खेतों में काम कर रहे किसान हवा के चलते लाही की फसल समेटने का काम नहीं कर सके। लाही की फसल की थ्रेसरिंग करने का प्रयास किसान करते रहे, लेकिन हवा के साथ वातावरण में नमी होने से थ्रेसरिंग नहीं हो सकी। अभी 50 फीसदी लाही की फसल खेतों में पड़ी है। इसकी मड़ाई के लिए किसान तैयारी कर रहे हैं। गेहूं की फसल गिरने से दाना कमजोर होने की आशंका है। इससे नुकसान होगा।
धनिया की फसल में कीड़े लगने की आशंका
बादल के साथ बूंदाबांदी से धनिया की फसल में कीड़े लगने की आशंका बढ़ गई है। इससे धनिया की खेती करने वाले किसानों में चिंता दिख रही है। फूल निकलने के साथ फसल में दाना पड़ने का समय चल रहा है। ऐसे में कीड़ा लगने पर पैदावार प्रभावित होना तय है। किसानों की माने तो फसल अच्छी है, लेकिन मौसम कुछ दिन ऐसा ही रहा तो बड़ा नुकसान होगा।
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