मूसानगर। यमुना नदी में हथनी कुंड बांध से छोड़ा गया पानी सोमवार को मूसानगर तक पहुंच गया। इससे नदी का जलस्तर 1.7 मीटर बढ़ गया। जो अभी खतरे के निशान से साढ़े पांच मीटर नीचे है। वहीं यमुना का पानी सेंगुर में पहुंचने से यह नदी भी उफनाने लगी। इससे दोनों नदियों के दोआब क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। यमुना में पानी बढ़ने से आढ़न व पथार गांव की पुलिया के ऊपर फिर पानी पहुंच गया।
हरियाणा के हथिनी कुंड बांध से चार दिन पूर्व यमुना नदी में 1.59 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जो सोमवार की सुबह मूसानगर तक पहुंच गया। इससे कालपी यमुना पुल से मूसानगर तक पानी का बहाव तेज हो गया है। वहीं हलिया घाट के पास सेंगुर नदी में यमुना का गिरने के कारण नदी का बहाव उल्टा होने लगा है। इससे आढ़न पथार गांवों की पुलिया के ऊपर फिर से पानी पहुंच गया है।
गांव के वीरेंद्र कुमार, सुरेंद्र सिंह, रामभरोसे, शीतला प्रसाद ने बताया कि हथिनी कुंड बांध से पानी छोड़े जाने से बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। एसडीएम दीपाली भार्गव ने बताया कि अभी बढ़ा हुआ पानी यमुना नदी तक ही सीमित है। इससे गांवों तक पानी पहुंचने की संभावना नहीं है। यमुना नदी में खतरे का निशान 108 मीटर पर है।
बाढ़ नियंत्रक चौकी की रिपोर्ट के अनुसार रविवार की शाम तक जलस्तर 100.8 मीटर पर था, जो सोमवार को बढ़कर 102.5 मीटर पर पहुंच गया है। अभी तक 1.7 मीटर पानी बढ़ा है। पानी अभी खतरे के निशान से लगभग साढ़े पांच मीटर नीचे हैं। जिससे बाढ़ की संभावना अभी नहीं है।
बाढ़ की चपेट में आते हैं 21 गांव
मूसानगर। यमुना और सेंगुर नदी में पानी बढ़ने से दोआब क्षेत्र के आढ़न, पथार, पड़ाव, नगीना बांगर, कट्टापुरवा, मुसरिया, क्योटरा बांगर, हलिया, नयापुरवा, कृपालपुर, कुंभापुर, रसूलपुर, भुंडा, सरौटा, लवरसी, बम्हरौली घाट, अहरौली घाट, कलुवाताला, सिमरिया, हंसपुर, मऊदन गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं।
गांवों का एसडीएम ने किया निरीक्षण
पुखरायां। यमुना नदी में पानी बढ़ने की सूचना पर एसडीएम दीपाली भार्गव ने बाढ़ क्षेत्र का जायजा लेकर ग्रामीणों से वार्ता की। उन्होंने क्योटरा और पथार में ग्रामीणों से कहा कि अभी यमुना का जलस्तर बढ़ने से परेशान न हो। फिलहाल बाढ़ की स्थित नहीं है। यदि पानी बढ़ता है तो प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा के सभी इंतजाम कर लिए गए हैं।
नाव भी मुहैया है कोई समस्या आने पर सभी को निकाल लिया जाएगा। बारिश से क्योटरा और पथार गांव में जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश संबंधित कर्मचारियों को दिए। इस दौरान नायब तहसीलदार मनीष द्विवेदी, लेखपाल अवधेश कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। (संवाद)
बैजामऊ बांगर के नजदीक पहुंचा यमुना का पानी
राजपुर। सीमावर्ती जनपदों में कई दिनों से हो रही बारिश व हथिनी कुंड बांध से पानी छोड़े पर यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अमराहट, पिचौरा, बैजामऊ में बाढ़ चौकियां सक्रिय कर निगरानी के लिए लेखपालों की टीमें लगाई गई हैं। यहां पर 18 नाव की व्यवस्था की गई है। बाढ़ चौकियों का प्रभारी कानूनगो को बनाया गया है।
वर्तमान में यमुना का जलस्तर सामान्य से लगभग दो मीटर बढ़ गया है। सोमवार को बैजामऊ बांगर गांव के नजदीक यमुना में पानी बढ़ने से नदी के किनारे कटान होने लगी है। ऐसे में नदी की तलहटी पर बसे अमराहट, पिचौरा, गौरीरतन बांगर, जैसलपुर महदेवा, महेशपुर व बेहमई गांव में एसडीएम सिकंदरा के निर्देश पर तहसीलदार लखनलाल राजपूत ने ग्रामवार लेखपालों व राजस्व टीम को निगरानी को कहा है।
रविवार को राजस्व टीम ने गांवों में हालात का जायजा लिया था। स्कूल व पंचायत भवनों में साफ सफाई कराई गई है। एसडीएम रमेश चंद्र यादव ने बताया कि बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी है। तीन चौकियां सक्रिय हैं। यमुना नदी के किनारे बसे गांव में 18 नाव की व्यवस्था की गई है। राजस्व निरीक्षक व लेखपालों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।