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नहर की पटरी कटी, हजारों बीघे धान की फसल जलमग्न

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फोटो - फोटो : DEHAT
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चौबेपुर (बिल्हौर)। क्षेत्र के चंदुला गांव के सामने निचली गंग नहर की पटरी कट जाने से आसपास स्थित सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। ग्रामीणों द्वारा मामले की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद घंटों मरम्मत कार्य न कराए जाने से पानी गांव तक जा पहुंचा। क्षेत्रीय किसानों के मुताबिक खेतों में भरे पानी की निकासी यदि जल्द न कराई गई तो तेज धूप के दौरान धान की फसल चौपट हो जाएगी।
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क्षेत्र स्थित निचली गंगा नहर (पनकी नहर) की पटरी में चंदुला गांव के सामने हफ्ते भर से कटान जारी थी। बुधवार की रात नहर की पटरी कटने से क्षेत्र के चंदुला, पाराप्रतापपुर, बोड़ेपुरवा आदि गांवों की लगभग 100 एकड़ से अधिक धान की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई। सुबह क्षेत्र में जबरदस्त जलभराव देख ग्रामीणों ने नहर की पटरी फटने की सूचना विभागीय अधिकारियों को दी।
जानकारी के बावजूद विभागीय लोगों ने मामले में गंभीरता नहीं दिखाई, परिणामस्वरूप नहर का पानी चंदुला गांव के कई घरों तक जा पहुंचा। समस्या के बाबत उक्त गांवों के आशुतोष पांडे, आशीष, हरिपाल सिंह, शिवपाल सिंह, धीरेंद्र यादव, रामस्वरूप, उमाशंकर, रामबाबू, मानसिंह, लखन यादव सोनेलाल ग्रामीणों ने बताया कि बीते दिनों हुई नहर की सफाई के दौरान पटरी पर मिट्टी का कार्य सुचारू रूप से न कराए जाने से पानी का बहाव तेज होते ही पटरी फट गई। नहर पटरी में जबरदस्त खांदी हो जाने से धान की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। कहा कि गांव स्थित नाला चोक पड़ा है।यदि नाले की सफाई कराकर पानी निकास की व्यवस्था जल्द न कराई गई, तो तेज धूप के दौरान फसल बर्बाद होकर रह जाएगी। अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग यासीन खान ने बताया नहर पटरी के फ़टने की जानकारी काफी देर से मिली। मरम्मत कार्य शुरू कराया गया है।
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