यूपी के बांदा जिले में गरीबी में जीवन जी रहे उपभोक्ताओं के राशन में कटौती के बीच देश में सरकारी राशन की बर्बादी भी खूब हो रही है। पिछले तीन वर्षों में देश में 11 हजार 903 मीट्रिक टन (एक लाख 19 हजार 30 क्विंटल) अनाज बर्बाद हो गया। सिर्फ उत्तर प्रदेश में 290 मीट्रिक टन (2,900 क्विंटल) अनाज तहस-नहस हुआ है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने अपने यहां राशन की हुई इस बर्बादी को खुद स्वीकारा है।
एक तरफ जहां गरीबों को राशन कार्ड में पूरे माह के लिए बमुश्किल मात्र दो किलो गेहूं और चावल मिल रहा है वहीं दूसरी तरफ भारी मात्रा में अनाज डैमेज हो रहा है। पिछले तीन सालों में इस बर्बादी के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। आरटीआई एक्टीविस्ट कुलदीप शुक्ला (बांदा) द्वारा मांगी गई सूचना में भारतीय खाद्य निगम ने 2016-17 से चालू वर्ष 2018-19 (पहली सितंबर तक) देश के विभिन्न राज्यों में बर्बाद हुए अनाज के आंकड़े दिए हैं। ये आंकड़े सिर्फ एफसीआई में बर्बाद हुए अनाज के हैं।
अनाज बर्बादी में देश के 25 राज्यों में महाराष्ट्र अव्वल है। यहां तीन वर्षों में 7994.035 मीट्रिक टन राशन बर्बाद हुआ है। यहां वर्ष 2016-17 में सर्वाधिक 7963.367 मीट्रिक टन अनाज की बर्बादी हुई। वर्ष 2017-18 में 14.619 और चालू वर्ष 2018-19 में पहली सितंबर तक 16.49 मीट्रिक टन अनाज डैमेज बताया गया है। उत्तर प्रदेश में भी हर साल अनाज बर्बाद हो रहा है। एफसीआई आंकड़ों के मुताबिक तीन वर्षों में यहां 290.907 मीट्रिक टन अनाज खराब हुआ। इसमें वर्ष 2016-17 में 47.777 मीट्रिक टन, वर्ष 2017-18 में 242.850 मीट्रिक टन और चालू वर्ष में पहली सितंबर तक 0.280 मीट्रिक टन अनाज डैमेज बताया गया है।
वर्ष 2016-17 से वर्ष 2018-19 (पहली सितंबर तक) देश के विभिन्न राज्यों में अनाज बर्बाद होने का ब्योरा (मीट्रिक टन में) -
महाराष्ट्र 7994.035
बिहार 1618.686
असम 537.059
पंजाब 517.536
उत्तर प्रदेश 290.907
मेघालय/मिजोरम/त्रिपुरा 254.675
गुजरात 144.75
कर्नाटक 94.874
तमिलनाडु 88.635
दिल्ली 27.365
छत्तीसगढ़ 13.873
आंध्र प्रदेश 5.715
मध्य प्रदेश 4.970
देश में सबसे ज्यादा अनाज की बर्बादी वर्ष 2016-17 में हुई। इस वर्ष में सर्वाधिक 8775.572 मीट्रिक टन अनाज बर्बाद हुआ। बर्बादी वाले राज्यों में असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। दूसरी तरफ बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, अरुणांचल प्रदेश, मनीपुर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में अनाज सुरक्षित रहा। इसके अलावा वर्ष 2017-18 में 2663.486 और चालू वर्ष 2018-19 में (पहली सितंबर तक) 464.086 मीट्रिक टन अनाज की बर्बादी हुई।