सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल के पास बिजली के झूलते तार की चपेट में आने से बाइक सवार एयरफोर्स के रिटायर्ड वारंट अफसर की मौत हो गई। तार में फंसने से उनका गला कट गया और गिरने से सिर में चोट लगी। बाइक पर पीछे बैठी उनकी पत्नी भी गिरकर घायल हो गईं। बाद में रेलबाजार पुलिस ने केस्को को सूचना देकर तार को रास्ते से हटवाया। पता चला कि पिछले दिनों आए आंधी-तूफान से पेड़ गिरने से तार लटक गए थे। न तो केस्को और न नगर निगम ने इसे हटवाया।
बाबूपुरवा न्यू लेबर कॉलोनी निवासी बजरंग सिंह राठौर (73) एयरफोर्स के रिटायर्ड वारंट अफसर थे। घर में पत्नी जीवन आशा, बेटा राकेश सिंह और दो बेटियां हैं। मौजूदा समय में बेटा राकेश गुड़गांव की एक निजी कंपनी में सेल्स मैनेजर है। शनिवार सुबह बजरंग सिंह अपनी पत्नी आशा के साथ सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल दवा लेने जा रहे थे।
अस्पताल के पास ही पीपल का पेड़ गिरने से बिजली का तार बीच सड़क पर झूल रहा था। इसी तार की चपेट में आने से बजरंग सिंह की गर्दन में गंभीर घाव हो गया और सिर में चोट आई। वे बाइक से गिर गए। हादसे में पत्नी भी घायल हो गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने दंपति को सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बजरंग सिंह को मृत घोषित कर दिया। पत्नी को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया।
उधर हादसे की जानकारी पर हॉस्पिटल पहुंचे रिश्तेदार उमेश सिंह, पड़ोसी मनीष खत्री, उनकी दोनों बेटियां का रो-रोकर बुरा हाल था। मौके पर बजरंग सिंह के परिचित भी पहुंच गए। पुलिस ने बताया कि बजरंग सिंह हेलमेट लगाए थे।
वीआईपी रोड छोड़ पूरा शहर असुरक्षित
पूरे शहर में बेतरतीब फैले बिजली के तार, कहीं झूलते, कहीं लटकते। कटिया का जाल, खुले में रखे ट्रांसफार्मर हमेशा जनता की जान पर खतरा बने हुए हैं। इनकी चपेट में आने वाले अधिकतर आम लोग होते हैं इसलिए अफसर परवाह नहीं करते। शनिवार को भी झूलते तार से हुए हादसे में एक आम नागरिक की जान गई।
मानकों के मुताबिक अगर बिजली के तार के नीचे गार्डिंग (सहारा) होता तो हादसा टल सकता था। मानकों को दरकिनार कर बिछे बिजली के तारों के जाल, गलत तरीके से रखे ट्रांसफार्मर और उपकरण पब्लिक के लिए खतरा हैं। वीआईपी रोड का ज्यादातर हिस्सा छोड़कर पूरा शहर असुरक्षित है। कभी भी कहीं भी कोई हादसा हो सकता है।
लापरवाही का आलम यह है कि विद्युत सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक केस्को ने कोई काम नहीं कराया है। विद्युत विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक वीआईपी रोड पर पड़ने वाला हिस्सा सेफ है। यहां पर केस्को ने 90 फीसदी काम मानक के अनुरूप कराए है। इसलिए तिलक नगर और सिविल लाइंस का क्षेत्र सुरक्षित है।
मिलेगा मुआवजा
हादसे में मरे वृद्ध के परिजन फजलगंज स्थित विद्युत सुरक्षा विभाग में मुआवजा के लिए अर्जी दे सकते हैं। अर्जी मिलने के बाद विद्युत सुरक्षा विभाग अपने इंजीनियर से घटना की जांच कराएगा। देखा जाएगा कि केस्को की गलती थी या नहीं। जांच में अगर केस्को की गलती सामने आती है तो विद्युत सुरक्षा विभाग वृद्ध केपरिजनों को केस्को से मुआवजा दिलाएगा।