रामलीला मंचन के दौरान ‘विश्वामित्र’ को अटैक पड़ गया। कमेटी के लोगों ने उन्हे वहीं लिटा दिया। कमेटी के लोगों ने समझा कि वह सो गए हैं। लेकिन तब तक सांसे थम चुकी थीं। मामला यूपी के हमीरपुर जिले का है।
40 वर्षों से रामलीला में कर रहे थे अभिनय
हमीरपुर/भरुआसुमेरपुरः बिदोखर मेंदनी निवासी राधारमण तिवारी (55) पिछले 40 वर्षों से रामलीला में अभिनय कर रहे थे। राधारमण तिवारी के बेटे मोहित ने बताया कि गुरुवार की रात वह क्षेत्र के देवगांव में हो रही रामलीला में विश्वामित्र का अभिनय कर रहे थे। मंचन के दौरान उनकी तबियत बिगड़ गई। आरोप लगाया कि रामलीला कमेटी के लोगों ने उन्हें अस्पताल ले जाने की बजाए वहीं पर लेटा दिया। वह बेहोशी की हालत में पड़े रहे। कमेटी के लोगों ने समझा कि वह सो गए हैं।
कमेटी पर समय से सूचना न देने का आरोप
सुबह जब लोगों ने उन्हें उठाना चाहा तो वह नहीं उठे। जिस पर उनके परिजनों को सूचना दी गई। परिजन देवगांव पहुंचकर उन्हें उठाकर सदर अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, पुत्र ने रामलीला कमेटी पर समय से सूचना न देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय से इलाज मिलता तो पिता की जान बच सकती थी।
पहले लक्ष्मण और अब विश्वामित्र का करते थे अभिनय
राधारमण शुरुआती दौर में लक्ष्मण का अभिनय करते थे। उम्र बढ़ने पर वह विश्वामित्र का किरदार अदा करने लगे। वह रामलीला के मशहूर कलाकार और जनक का अभिनय करने वाले मातादीन त्रिपाठी के भांजे थे। उन्हें बुंदेलखंड के अलावा फतेहपुर, औरेया, कानपुर भी रामलीला के मंचन को जाते थे। वह गांव में संचालित सर्वोदय जूनियर हाईस्कूल में पढ़ाते भी थे। विद्यालय में भी शोकसभा के बाद अवकाश घोषित कर दिया गया। प्रबंधक डा. रामप्रकाश, कौशल, लाला भइया पाल, हरिराम प्रजापति आदि शिक्षकाें ने गहरा शोक व्यक्त किया।