कानपुर में बुखार के दो और रोगियों की मौत हो गई है। दोनों रोगी पहले से अस्थमा की चपेट में रहे हैं। बुखार आने के दो दिन के बाद ही दम तोड़ दिया। इसके साथ ही सोमवार को डेंगू का एक संक्रमित मिला है। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह ने सभी पीएचसी प्रभारियों को आदेश दिए हैं कि ओपीडी में बुखार के 10 रोगी आने पर कैंप लगाकर सैंपलिंग की जाए।
उन्होंने बताया कि घर-घर फीवर सर्वे करके रोकथाम के उपाय किए जा रहे हैं। मंधना क्षेत्र के रहने वाले रामकुमार (50) पुराने दमा के रोगी रहे हैं। उनका डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल में ओपीडी स्तर पर इलाज चलता रहा है। उनके बेटे विनोद ने बताया कि चार दिन से बुखार आया और सांस में तकलीफ बढ़ गई।
कल्याणपुर के निजी नर्सिंगहोम में लाए लेकिन मौत हो गई। इसी तरह किदवईनगर के राजेश (40) की हैलट लाते वक्त मौत हो गई। वह दो दिन पहले सिवान, बिहार से लौटे थे। उन्हें बुखार आ रहा था। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में बुखार के रोगी हैं। सीएमओ ने बताया कि बुखार आने पर घबराए नहीं। लिक्विड डाइट लें और सीएचसी, उर्सला, हैलट में दिखाएं। झोलाछाप के यहां न जाएं।