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कानपुर में वायरल फीवर का प्रकोप: बुखार के दो रोगियों की मौत, एक डेंगू संक्रमित

Mon, 13 Sep 2021 11:55 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

सीएमओ ने बताया कि बुखार आने पर घबराए नहीं। लिक्विड डाइट लें और सीएचसी, उर्सला, हैलट में दिखाएं। झोलाछाप के यहां न जाएं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में बुखार के दो और रोगियों की मौत हो गई है। दोनों रोगी पहले से अस्थमा की चपेट में रहे हैं। बुखार आने के दो दिन के बाद ही दम तोड़ दिया। इसके साथ ही सोमवार को डेंगू का एक संक्रमित मिला है। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह ने सभी पीएचसी प्रभारियों को आदेश दिए हैं कि ओपीडी में बुखार के 10 रोगी आने पर कैंप लगाकर सैंपलिंग की जाए।
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उन्होंने बताया कि घर-घर फीवर सर्वे करके रोकथाम के उपाय किए जा रहे हैं। मंधना क्षेत्र के रहने वाले रामकुमार (50) पुराने दमा के रोगी रहे हैं। उनका डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल में ओपीडी स्तर पर इलाज चलता रहा है। उनके बेटे विनोद ने बताया कि चार दिन से बुखार आया और सांस में तकलीफ बढ़ गई।

कल्याणपुर के निजी नर्सिंगहोम में लाए लेकिन मौत हो गई। इसी तरह किदवईनगर के राजेश (40) की हैलट लाते वक्त मौत हो गई। वह दो दिन पहले सिवान, बिहार से लौटे थे। उन्हें बुखार आ रहा था। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में बुखार के रोगी हैं। सीएमओ ने बताया कि बुखार आने पर घबराए नहीं। लिक्विड डाइट लें और सीएचसी, उर्सला, हैलट में दिखाएं। झोलाछाप के यहां न जाएं।
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स्वास्थ्य विभाग में भी खौफ, कुरसौली के अंदर नहीं जा रहा
कुरसौली में बुखार से डरे स्वास्थ्यकर्मियों ने खुद ही लक्ष्मण रेखा खींच ली है। रोग की पहचान न हो पाने के कारण उन्हें भी संक्रमण का डर सता रहा है। सोमवार को स्कूल में कैंप लगाने के बाद गांव के अंदर जाकर सूचना नहीं दी। कैबिनेट मंत्री सतीश महाना का निर्देश भी हवा में उड़ा दिया। प्रमुख सचिव अनिल गर्ग के जाने के बाद गांव में फॉगिंग भी बंद है। 

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और सुस्ती के कारण सोमवार को भी लोगों का गांव छोड़कर जाने का क्रम जारी रहा। यहां बुखार और डेंगू दोनों का हमला है। कैबिनेट मंत्री महाना ने सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह को जीएसवीएम मेडिकल कालेज में हुई बैठक में गांवों वालों को उनकी बीमारी बताने और समझाने के निर्देश दिए थे, लेकिन गांव के  अंदर कोई नहीं गया।

पहले की तरह ही एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट को लेकर गए और प्राइमरी स्कूल में कैंप लगा दिया। वहां चार-पांच लोग दिखाने के लिए आए। हालात को देखते हुए गंभीरता नहीं बरती जा रही है। इसके अलावा गांव में फॉगिंग नहीं हो रही है। इससे बीमारी बढ़ने का खौफ है। बुखार के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। इसके अलावा वहां दवा का छिड़काव खुद लोग कर रहे हैं।  ग्राम प्रधान अमित सिंह का कहना है कि फॉगिंग वह खुद ही करा रहे हैं। वहीं, सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि सारी टीमें लगी हुई हैं। रोकथाम के उपाय किए जा रहे हैं।
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