बुखार ने दो बच्चियों समेत चार मरीजों की जान ले ली। एक बच्ची कुरसौली गांव की है। इस गांव में यह 15वीं मौत है। इस बच्ची को भी खून की उल्टियां हुई हैं। दूसरी बच्ची कुरसौली के नजदीक के गांव मकसूदाबाद की रहने वाली थी।
इससे आशंका जाहिर की जा रही है कि कुरसौली में कुछ दिन के लिए शांत हुए अंजान बुखार के संक्रमण ने फिर तेजी पकड़ ली है। कुरसौली के आसपास के गांवों के लोग भी आशंकित हो गए हैं। कुरसौली के रहने वाले रमजानी की बेटी सबीना (14) को गुरुवार को बुखार आया।
इसके बाद उसे शुक्रवार को उर्सला में भर्ती कराया गया। रमजानी ने बताया कि डॉक्टरों ने प्लेटलेट्स लाने के लिए कहा। वह व्यवस्था नहीं कर पाईं। शनिवार को सबीना को घर ले आए। घर आने के बाद उसे खून की उल्टियां होने लगीं।
गांव में कैंप कर रही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह को जानकारी दी और हैलट के बालरोग अस्पताल में सोमवार रात डॉ. अमितेश के अंडर में भर्ती किया गया। सीएमएस डॉ. मनीष यादव ने तुरंत प्लेटलेट्स की व्यवस्था कराई लेकिन मंगलवार सुबह मौत हो गई।