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Kanpur News: स्वास्थ्य केंद्रों में बढ़ रहे वायरल के मरीज, कई जगह जांच सुविधा का टोटा

Sat, 06 Sep 2025 12:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। बारिश के बाद मौसम में हुए बदलाव से संक्रामक बीमारियां बढ़ रही हैं। ज्यादातर लोग वायरल बुखार की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजाें की भीड़ हो रही है। डॉक्टर मरीजों द्वारा बताई गई परेशानी के अनुसार जांच की सलाह के बाद दवा व परामर्श दे रहे हैं। मगर कई स्वास्थ्य केंद्रों में जांच की सुविधा ठप हैं। कई जगह उपकरण व संसाधन होने के बाद भी जांच नहीं हो पा रही है। इसके पीछे कहीं तकनीकी खराबी तो कहीं स्टॉफ की तैनाती न होना कारण बताया जा रहा है। सीएमओ डाॅ. एके सिंह का कहना है कि जहां खामियां हैं, उन्हें जल्द ठीक करा कर जांच सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
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केस-1
यूरिन जांच के लिए चार किलोमीटर जाना पड़ता दूर
राजपुर ब्लॉक की सलेमपुर 30 शैय्या सीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं की दरकार है। यहां टेक्नीशियन की तैनाती न होने से पैथोलॉजी संचालित नहीं हो रही है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को जांच के लिए राजपुर सीएचसी की दौड़ लगानी पड़ती है। ओपीडी में प्रतिदिन 10 से 15 मरीजों को यूरिन, ब्लड व अन्य जांचे डॉक्टर लिखते हैं। मरीजों को करीब चार किमी दूर यूरिन जांच के लिए राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आना पड़ता है, या फिर निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है। जांच के लिए 500 रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ता है। सीएचसी के चिकित्सक डॉ. ध्रुव सिंह ने बताया कि एलटी की तैनाती नहीं है। सीएचसी में मरीजों की शुगर जांच की जाती है।
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केस-2
रुरगांव पीएचसी में भी जांच का टोटा
अमरौधा पीएचसी से संबद्ध रुरगांव पीएचसी में पैथोलॉजी लैब संचालित नहीं होने से खून की सभी प्रकार की जांचे नहीं हो पा रही हैं। यहां सिर्फ कार्ड से मलेरिया की जांच सीमित है। इस पीएचसी में बीहड़ पट्टी के शेखपुर, महाराजपुर, फैजअलीपुर, नौबादपुर, टयोगा, दूदेपुर, बिझौना समेत करीब दस गांव के सैकड़ों मरीज पीएचसी में इलाज कराने आते हैं। इन दिनों बारिश के बाद संक्रामक बीमारियों से मरीजों की संख्या बढ़ी है। पीएचसी में खून की सभी जांचे न होने से मरीजों को 15 किलोमीटर दूर पुखरायां सीएचसी जाना पड़ता है। दूरी अधिक होने पर मरीज शाहजहांपुर में निजी पैथोलॉजी में जांच कराते हैं। अमरौधा पीएचसी प्रभारी डाॅ अरुणेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर अमरौधा में बीएचयू लैब में सभी प्रकार की जांचों की सुविधा है।
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केस-3
चार दिन से सिलेक्ट्रा मशीन खराब, जांचें बंद
डेरापुर सीएचसी में केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट), एलएफटी (लीवर फंक्शन टेस्ट) व अन्य जांचों के लिए कुछ दिन पहले सिलेक्ट्रा मशीन लगाई गई थी। यह मशीन चार दिन से खराब पड़ी है। इससे लीवर, किडनी की परेशानी लेकर पहुंच रहे मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। चिकित्सकों द्वारा जांच लिखे जाने पर मरीज मेडिकल कॉलेज व प्राइवेट पैथोलॉजी से जांच कराने के लिए जा रहे हैं। इससे उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि मशीन अभी गारंटी में है। संबंधित कंपनी को जानकारी दी गई है। जल्द मशीन ठीक कराई जाएगी।
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