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विमल डेंगला को राष्ट्रपति सम्मान, नेत्रहीनों को तकनीकी शिक्षा में दक्ष बनाने के लिए किया काम

Mon, 04 Dec 2017 03:09 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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विमल डेंगला को सम्मानित करते राष्ट्रपति
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विश्व विकलांग दिवस पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश में सर्वश्रेष्ठ ब्रेल प्रेस का काम करने के लिए डॉ. विमल डेंगला को नेशनल अवार्ड से नवाजा। डॉ. डेंगला कानपुर आचार्य नगर के रहने वाले हैं। उन्होंने नेत्रहीनों को तकनीकी शिक्षा में दक्ष बनाने के लिए ब्रेल लिपि के विस्तारीकरण का काम किया है।
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डॉ. विमल डेंगला के पिता महेश चंद्र डेंगला धागा कारोबारी हैं। मां गीता देवी गृहिणी हैं। उनके भाई कमल डेंगला ने बताया कि महज 14 वर्ष की उम्र में आंखों की बीमारी के चलते दोनों आंखों की रोशनी चली गई। इसके बाद भी विमल ने हार नहीं मानी और भारती विद्या मंदिर आचार्य नगर से हाईस्कूल अच्छे नंबरों से पास करने के बाद 1990 में हीरालाल खन्ना इंटर कॉलेज जवाहर नगर से इंटरमीडिएट में यूपी टॉप किया।


इसके बाद डॉ. डेंगला ने बीकॉम, एलएलबी, बीएड, इतिहास व अर्थशास्त्र से एमए, एमबीए डिप्लोमा और पीएचडी की। पढ़ाई के बाद से वह दृष्टिबाधितों को शिक्षित करने और आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। वह अंधजन पुनर्वास केंद्र माउंटआबू (राजस्थान) के प्रधानाचार्य हैं। साथ ही वह नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इंडिया, मुंबई के राष्ट्रीय सचिव भी हैं। डॉ. विमल ने यह सम्मान पाकर शहर का नाम रोशन किया है। इससे पूर्व उन्हें राजस्थान सरकार की ओर से सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी सम्मान भी मिल चुका है। उनके तीन भाइयों के परिवार के साथ पत्नी काजल डेंगला और बेटा शिवांश (12) आचार्य नगर में ही रहते हैं।
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