राजपुर। मौसम की मार झेल रहे बीहड़ पट्टी के किसान आफत बने जंगली जानवर और छुट्टा मवेशियों से परेशान हैं। भीषण सर्दी में छुट्टा मवेशियों से फसल बचाने के लिए अफसरों से काफी समय से गुहार लगा रहे हैं। अफसरों की अनसुनी से किसान खुद अस्थायी गोशाला बना रहे हैं।
राजपुर ब्लॉक के बीहड़ पट्टी में किसान इन दिनों दोहरी मार झेल रहे हैं। एक ओर जंगली जानवर और छुट्टा मवेशी फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं, कोहरे में फसल पर मौसम का संकट छाया है। यमुना नदी किनारे बीहड़ पट्टी में गोशाला नहीं होने से बड़ी संख्या में जंगली जानवर और छुट्टा मवेशी किसानों की फसलों को नष्ट कर देते हैं।
बेहमई के किसान बाबूजी सिंह, पूर्व प्रधान गांधी सिंह, जयवीर सिंह, ओमकार सिंह, प्रीतम सिंह, सुखदेव सिंह ने 16 दिसंबर को डीएम कपिल सिंह को ज्ञापन देकर बीहड़ पट्टी में अन्ना मवेशियों से किसानों की फसलों की बर्बादी की समस्या बताई थी। डीएम के निर्देश पर 19 दिसंबर को राजपुर बीडीओ हरगोविंद गुप्ता ने वन विभाग और पशु पालन विभाग के अफसरों के साथ जूनियर हाईस्कूल में चौपाल लगाकर किसानों की समस्या सुनी। किसानों ने अफसरों को बताया कि अन्ना, जंगली मवेशियों के आतंक से बीहड़ पट्टी के किसान किसान परेशान हैं। खेतों में खड़ी फसल को मवेशियों के झुंड में चट कर जा रहे हैं। फसल बचाने के लिए सर्द रातों में किसान खेतों पर रतजगा कर रहे हैं। जिसपर बीडीओ ने दो दिनों में टीम बनाकर अन्ना मवेशियों को पकड़ने का आश्वासन भी दिया।
15 दिन के बाद भी सुनवाई नहीं हुई इससे किसानों ने खुद चंदा कर अस्थायी गोशाला बनाने का निर्णय लिया। गांव किनारे खाली भूमि पर किसान जंगल से लकड़ियां काटकर और कटीली झाड़ियां लाकर स्वयं से अस्थायी गोशाला बनाने में लगे हैं। किसानों ने बताया कि दो बीघा भूमि पर बल्लियों से घेराबंदी कर ली गई है लेकिन तार नहीं मिलने से अस्थायी गोशाला का कार्य अधूरा है। इसे जल्द तैयार कर यहां अन्ना मवेशियों को संरक्षित किया जाएगा। राजपुर के बीडीओ हरगोविंद गुप्ता ने बताया कि बीहड़ पट्टी में जंगली मवेशियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। बेहमई में स्थाई गोशाला बनाने के लिए जिले के अफसरों को प्रस्ताव भेजा गया है।