बांदा के पनवाड़ी महोबा में इन दिनाें एक अन्ना गाय ने अातंक मचा रखा है। गांव के लाेग गाय से इस कदर खाैफ खाते हैं कि घर से निकलने से पहले वाे चेक कर लेते हैं कि गाय कहीं घर के अासपास ताे नहीं है। गांव का बच्चा हाे या काेई बड़ा हर काेई इस गाय केे कहर से खाैफजदा है।
एक दर्जन ग्रामीण गंभीर रूप से जख्मी हो चुके है
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पनवाड़ी महोबा कस्बा पनवाड़ी में एक अन्ना गाय आतंक का पर्याय बन गई है। 48 घंटे के अंदर गाय के हमले से छात्राएं समेत एक दर्जन ग्रामीण गंभीर रूप से जख्मी हो चुके है। जिनका इलाज सरकारी और प्राइवेट में क्लीनिकों में कराया जा रहा है। गाय के आतंक से ग्रामीणों में दहशत है। लोग अपने बच्चों को घरों से बाहर नही निकलने दे रहे है। कस्बा पनवाड़ी में दो दिन से घूम रही एक आवारा गाय ग्रामीणों के लिए आफत बन गई है। सड़क से गुजरने वाले लोगों पर अचानक हमला बोलते हुए खदेड़ लेने से लोग भयभीत है।
एक दर्जन लोग चुटहिल हो चुके है
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48 घंटे के अंदर गाय के हमले से कस्बा पनवाड़ी निवासी मुबीन 18, बिल्लो 55, हरदयाल 48, कल्लू 32, दीनदयाल 55, मनप्यारे 30, मनीष 20, बाले 35, छात्रा राहिणी 11, अभिलाषा 13, रागिनी 16 समेत एक दर्जन लोग चुटहिल हो चुके है। जिनका उपचार सरकारी व प्राइवेट क्लीनिकों में कराया जा रहा है। कस्बे के हरिजन बस्ती, अलीपुरा व नई कालोनी में आतंक का पर्याय बनी गाय से लोगों में दहशत है। इतना ही लोग अपने बच्चों को खेलने के लिए घरों से बाहर नही निकलने दे रहे है। परिषदीय विद्यालयों की दो छात्राओं पर हुये हमले के बाद बच्चे भी विद्यालय नही जा रहे है।