बिकरू गांव पहुंचे एडीजी जोन जय नारायण सिंह ने कहा कि शुरुआती दौर में मामूली अपराधों को अनदेखा किया जाना ही विकास दुबे का हौसला बढ़ाता गया। विकास दुबे से जुड़े पुराने मामलों की फाइलें पुन: खुलवाई जा रही हैं। घटना में संलिप्त किसी भी शख्स को बख्शा न जाएगा।
रविवार दोपहर बिकरू गांव पहुंचे एडीजी ने पत्रकारों के यह पूछे जाने पर कि विकास दुबे का नाम आखिर शहर के टॉपटेन अपराधियों में क्यों नहीं शामिल था। इस पर एडीजी ने इतना भर कहा कि यह जांच का विषय है। विकास की शुरुआती गतिविधियों पर यदि स्थानीय पुलिस गंभीरता दिखाती तो शायद आज वह इतनी बड़ी घटना को अंजाम न दे पाता।
घटना से एक दिन पूर्व विकास दुबे द्वारा थानेदार विनय तिवारी से की गई अभद्रता के बाबत पूछे जाने पर एडीजी ने कहा कि घटना की जानकारी थाना प्रभारी ने उच्चाधिकारियों को नहीं दी। अधिकारियों के संज्ञान में मामला होता तो दबिश के दौरान पुलिस टीम पूरी सतर्कता और सुरक्षा के साथ कार्रवाई करती। थाना प्रभारी के साथ अन्य संदिग्ध पुलिस कर्मियों की भूमिका के बाबत उच्च स्तरीय जांच कराई जा रही है।