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पीड़ितों का दावा : केडीए अब भी अखिलेश दुबे के इशारे पर कर रहा काम

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केडीए में विरोध जताते लोग। - फोटो : स्वयं
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कानपुर। पुलिस ने अखिलेश दुबे को जेल भेजा। उसके खिलाफ लगातार कार्रवाई कर जिम्मेदारी निभा रही है। वहीं, केडीए के अधिकारी अब भी दुबे के इशारे पर काम कर रहे हैं। उसकी अवैध संपत्तियों को न ही सील किया गया और न ही धवस्तीकरण की कार्रवाई हुई। यह आरोप रविवार को अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा के सदस्यों ने लगाए।
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सोमवार को अखिलेश दुबे से पीड़ित 14 लोग केडीए पहुंचे। केडीए वीसी मदन सिंह गर्ब्याल से मुलाकात की। उन्होंने वीसी से कहा कि केडीए की ओर से अखिलेश दुबे की अवैध संपत्तियों को सील और धवस्तीकरण की कार्रवाई में लापरवाही बरती जा रही है। कहा कि ब्रज किशोरी दुबे स्कूल, तेजाब मिल कैंपस, किशोरी वाटिका, तिलक नगर स्थित कार्यालय, सिंहपुर में फर्म, कंपनी बाग चौराहे पर सरताज इंटरप्राइजेज, सिविल लाइंस स्थित आगमन गेस्ट हाउस, शक्तिदीप पैलेस, डॉ. ब्रज किशोरी दुबे महाविद्यालय समेत अन्य जगहों पर अवैध कब्जे हैं। इन पर कार्रवाई होनी जरूरी है। उन्होंने केडीए वीसी से कब्जों को ढहाने की मांग की। इस दौरान भाजपा के प्रदेश संयोजक रवि सतीजा, भाजपा नेता मनोज सिंह, प्रज्ञा त्रिवेदी, अधिवक्ता संदीप शुक्ला, सौरभ भदौरिया, आशीष शुक्ला, शैलेंद्र कुमार, प्रदीप जैन, मोहित कुमार, नितिन कुमार शामिल रहे। केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल ने बताया कि इस मामले में जांच कराई जा रही है। कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ितों ने बनाया मोर्चा
अखिलेश दुबे के शिकायत शिकायत करने और एफआईआर दर्ज कराने वालों ने अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा बनाया है। इनमें शामिल छह सदस्य एफआईआर करा चुकी हैं। भाजपा नेता रवि सतीजा के बर्रा थाने में कराई गई रिपोर्ट पर अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा की गिरफ्तारी हुई है।
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