हरबंशमोहाल थाने में दर्ज कराई थी शिकायत
थाना प्रभारी ने बताया कि आठ अक्तूबर 2019 को कोतवाली के नारियल बाजार निवासी शोभा वर्मा ने हरबंशमोहाल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि 31 जनवरी 2019 को वह नौकरी के सिलसिले में मुख्यमंत्री आवास गई थी। वहां उनकी मुलाकात उदित रंजन अवस्थी से हुई।
शोभा को एक फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया
उदित ने खुद को कृषि विभाग में अधिकारी बताते हुए क्लर्क की नौकरी लगवाने का झांसा दिया, जिसके एवज में 2.50 लाख रुपये की डिमांड रखी। शोभा ने उसे कई बार में 1.90 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद उसने एक फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। नियुक्तिपत्र लेकर ज्वॉइन करने पर फर्जी होने का पता चला।
पहचान पत्र दिखाकर देता था लोगों को झांसा
जालसाज ने बताया कि वह सीएम आवास और सचिवालय के आस पास घूमता रहता था। नौकरी की तलाश में आए लोगों को अधिकारी बताते हुए अपना परिचय पत्र दिखाकर झांसे में ले लेता था। इसके बाद उनसे डेढ़ से दो लाख रुपये ऐंठकर फरार हो जाता था। दूसरे व्यक्तियों के नाम पते से मोबाइल व सिम कार्ड का प्रयोग करता था।
एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज
जालसाज के खिलाफ शहर के कल्याणपुर, कोतवाली, हरबंशमोहाल के अलावा कन्नौज, कानपुर देहात के रूरा और लखनऊ के पारा और गौतमपल्ली थाने में आधा दर्जन से अधिक फर्जी दस्तावेज के सहारे धोखाधड़ी, धमकी, दुष्कर्म समेत अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शारीरिक शोषण भी किया था
जालसाज ने बताया कि वर्ष 2020 में लखनऊ निवासी एक महिला को नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए थे। इसके बाद उसका शारीरिक शोषण भी किया था। महिला ने उसके खिलाफ लखनऊ के पारा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें वह जमानत पर बाहर है। इसके बाद उसे फरार घोषित कर दिया गया था।