कानपुर में ऐसे रोगी जिनको कोरोना संक्रमण हुआ और दवाओं से ठीक हो गए लेकिन शरीर में एंटीबॉडीज नहीं बनीं, उनके लिए कोरोना की वैक्सीन संजीवनी है। उनको एक पुख्ता सुरक्षा कवर मिल जाएगा और दोबारा संक्रमण का खतरा टलेगा। कोरोना का दोबारा संक्रमण बहुत खतरनाक माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना संक्रमण शरीर के अंदरूनी अंगों को क्षति पहुंचा देता है और दोबारा संक्रमण में स्थिति गंभीर हो जाती है। बताया जा रहा है कि 50 फीसदी लोगों में कोरोना की एंटीबॉडीज नहीं बन रही हैं। सीरो सर्वे और प्रदेश में अलग-अलग हुई कोरोना संक्रमितों की जांच में एंटीबॉडीज नहीं मिली हैं।