कानपुर। उर्सला, डफरिन, केपीएम, कांशीराम और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के पास फायर एनओसी (फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं हैं। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इन अस्पतालों को नोटिस जारी कर आग से बचाव के इंतजाम पुख्ता करने और एनओसी लेकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
कुछ दिन पहले उर्सला की नई ओपीडी भवन में एसी में शाॅर्टसर्किट से आग लग गई थी। हालांकि कर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्र की मदद से वक्त रहते आग पर काबू पा लिया था। डॉक्टरों के अनुसार उर्सला की नई ओपीडी भवन को बने हुए करीब 11 साल हो गए हैं लेकिन फायर सेफ्टी सिस्टम को सुचारू रूप से चालू नहीं किया जा सका है। ऐसा ही हाल कांशीराम का है। यहां फायर सेफ्टी सिस्टम तक शुरू नहीं हो सका है। केपीएम में जर्जर भवन के चलते फायर सेफ्टी सिस्टम लग ही नहीं सकता। उर्सला निदेशक डॉ. सीमा श्रीवास्तव ने बताया कि फायर सेफ्टी सिस्टम अभी शुरू नहीं हुआ है। इसके संचालन के लिए काम कराया जा रहा है। कांशीराम के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीयूष मिश्रा ने बताया कि शासन को नया प्रस्ताव बनाकर भेजा है। भवन में लगा फायर सेफ्टी सिस्टम में अपूर्ण कार्य हुआ है। उसे जल्द से जल्द पूरा कराएंगे।
सभी अस्पतालों को नोटिस देकर आग से बचाव के इंतजाम किए जाने संबंधी निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा एनओसी के लिए भी आवेदन करने और कर्मचारियों को बचाव संबंधी जानकारी देकर प्रशिक्षित किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। - डॉ. हरिदत्त नेमी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी