यूपी कैटेट परास्नातक की परीक्षा में ओवरऑल दूसरी और परास्नातक (एग्रीकल्चर) में पहली रैंक हासिल करने वाले दीपांकर तिवारी की बहन रानी तिवारी को 183वीं रैंक मिली है। बहन जहां भाई की सफलता पर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही है वही भाई भी बहन के लिए खुश है।
काकादेव निवासी दीपांकर और रानी के पिता देवी प्रसाद तिवारी बीएसएनल से रिटायर है। मां अवधेश कुमार गृहिणी हैं। दीपांकर ने ग्रेजुएशन सीएसएसए विवि से किया है। स्नातक की प्रवेश परीक्षा में भी वह अव्वल रहे थे। उनका शुरू से ही रुझान कृषि क्षेत्र की ओर है।
उनका कहना है कि कृषि के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। इंजीनियरिंग और मेडिकल ही केवल सफलता के आयाम को तय नहीं करती है। हालांकि वह सिविल सर्विसेज की तैयारी करके देश सेवा में समर्पित होना चाहते हैं।
बहन रानी तिवारी ने ग्रेजुएशन विश्वविद्यालय से किया था। वह स्कूलों में कराटे ट्रेनर भी हैं। रानी कहती हैं कि कराटे सिखाने के साथ ही उन्होंने पढ़ाई की इस कारण रैंक पिछड़ गई। रानी कहती हैं कि भाई से रात में खाने के दौरान ही पढ़ाई को लेकर डिस्कशन होता था। वह जितना पढ़ाई को लेकर फोकस था मैं उतना ही फोकस अपने कराटे में थी। भाई की सफलता पर बेहद खुश हूं।